दो साल पूर्ण होने पर रामलला को सौंपा 286 किलो का “स्वर्ण कोदंड”
अयोध्या। अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को दो वर्ष पूरे हो गए हैं। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से राम मंदिर में देशभर से श्रद्धालुओं की ओर से भेंट किए जा रहे अनुपम उपहारों की श्रृंखला लगातार जारी है। तीसरे वर्ष के आरंभ में रामलला को 286 किलोग्राम “स्वर्ण कोदंड” भेंट किया गया। इसे सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहे से बनाया गया है।
तीसरे वर्ष की शुरुआत में रामलला के लिए एक और ऐतिहासिक और अद्वितीय भेंट अयोध्या लाई गयी है जिसे कारसेवक पुरम में रखा गया। इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया। यह अनमोल भेंट पंचधातु से निर्मित 286 किलोग्राम वजनी भव्य धनुष ‘स्वर्ण कोदंड’ है। ओडिशा के राउरकेला से तीन जनवरी 2026 को इस कोदंड की भव्य शोभायात्रा अयोध्या के लिए रवाना हुई। इसे सनातन जागरण मंच की ओर से आयोजित किया गया है।
यह शोभायात्रा ओडिशा के सभी 30 जिलों से होकर गुजरी और 19 जनवरी को पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन-पूजन के बाद आगे बढ़ी। 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि के पावन संयोग पर यह कोदंड अयोध्या पहुंचा और रामलला को समर्पित किया गया। पंचधातु से बने इस कोदंड में सोना, चांदी, तांबा, जस्ता और लोहे का प्रयोग हुआ है। तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने आठ महीने की मेहनत से इसे तैयार किया है। लगभग आठ फीट लंबे इस कोदंड पर कारगिल युद्ध से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक की सैन्य वीरता और शहीदों के नाम अंकित हैं। इसकी अनुमानित लागत सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है।
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