पहाड़ी कोरवा महिलाओं को मिला रोजगार और आत्मनिर्भरता का संबल
रायपुर। प्रधानमंत्री जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में योजना का ज़मीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण अंचलों में दिखाई देने लगे हैं।
इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम जगिमा में पीवीटीजी वनधन विकास केंद्र पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाओं के लिए आजीविका का सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां 10 पहाड़ी कोरवा महिलाओं का एक स्व-सहायता समूह गठित किया गया है, जिन्हें उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
पूर्व में रोजगार के अवसरों के अभाव में ये महिलाएं घरेलू कार्यों तक सीमित थीं अथवा परिवार के भरण-पोषण के लिए अस्थायी मजदूरी करने को विवश थीं। समूह गठन के पश्चात् महिलाओं को फूल झाड़ू निर्माण का कार्य सौंपा गया। योजना के अंतर्गत झाड़ू निर्माण हेतु आवश्यक कच्चे माल की खरीदी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे महिलाएं स्वयं सामग्री क्रय कर नियमित रूप से उत्पादन कार्य कर रही हैं।
वनधन विकास केंद्र में निर्मित फूल झाड़ुओं के विक्रय से समूह को स्थायी आय प्राप्त हो रही है। समूह से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि गांव में ही रोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वे अब आत्मनिर्भर बनकर परिवार की जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर पा रही हैं तथा भविष्य को लेकर आशान्वित हैं।
उल्लेखनीय है कि शासन-प्रशासन के समन्वित एवं संवेदनशील प्रयासों से प्रधानमंत्री की जनजातीय उत्थान की परिकल्पना साकार हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ऐसी पहलें न केवल पहाड़ी कोरवा महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अंचलों की अन्य बेरोजगार महिलाओं के लिए भी आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।
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