श्री शंकराचार्य महाविद्यालय में व्यक्तित्व विकास पर व्याख्यान
भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसका विषय था “व्यक्तित्व विकास कितना आवश्यक“। मुख्य वक्ता डाॅ. शैलेन्द्र कुमार भारल, डीन संकाय अध्यक्ष, वाणिज्य, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक टिप्स के साथ अपनी रोचक प्रस्तुति दी। आपने कहा कि मुस्कुराता हुआ चेहरा और सकारात्मक सोच व्यक्तित्व को जहां आकर्षक बनाते हैं वही दूसरों को प्रभावित करने में भी सक्षम होते हैं सकारात्मक व्यक्तित्व ही मनुष्य की सफलता की पहली सीढ़ी होती है जिज्ञासु प्रवृत्ति, अनुशासन, समय का पाबंद होना और अच्छा श्रोता होना व्यक्तित्व विकास के लिए अति आवश्यक है। अतः हम सभी को अपनी सोच सदा सकारात्मक रखनी चाहिए। इस विषय पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्चना झा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हम सतत प्रयत्नशील शील रहते हैं। यह कार्यक्रम इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए खुद को पहचानना परम आवश्यक है सभी को अपनी ताकत एवं कमजोरी का ज्ञान होना चाहिए तथा उसे बढ़ाने या दूर करने का प्रयास करना चाहिए। डीन अकैडमी डॉ. जे दुर्गा प्रसाद राव ने कहां की विद्यार्थियों के लिए कार्य बहुत शिक्षाप्रद एवं लाभप्रद है क्योंकि विद्यार्थी आने वाले समय में अपने करियर को एक नई दिशा देंगे जहां उनकी सोच उन्हें आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी इस अवसर पर महाविद्यालय सभी विभागों के विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी गण उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन विभाग अध्यक्ष डॉ सुनील श्रीवास्तव ने किया।
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