सकारात्मक शुुरुआत : निर्माण से जुड़ गए बंदूक उठाने वाले हाथ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व्यावहारिक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में एसबीआई-आरसेटी के माध्यम से 30 आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए राजमिस्त्री (मेसन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। यह कार्यक्रम न केवल तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, बल्कि हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और विकास का रास्ता अपनाने वाले युवाओं के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का आधार बन रहा है।
प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को आवास निर्माण की आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य, भवन संरचना की समझ, निर्माण सामग्री के समुचित उपयोग, लागत नियंत्रण तथा कार्यस्थल सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात् ये युवा निर्माण क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने अथवा स्वयं का कार्य प्रारंभ करने में सक्षम होंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री आवास योजना एवं जी राम जी जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक सिद्ध होगा, जहां कुशल निर्माण श्रमिकों की निरंतर आवश्यकता रहती है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की यह संवेदनशील एवं दूरदर्शी पहल आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जिले में स्थायी शांति, सामाजिक समरसता और विकास को नई गति प्रदान कर रही है।
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