Sihawa coming up as a tourist destination with new amenities by SECL

सिहावा में महानदी रिवर फ्रंट को मिलेगा भव्य एवं आधुनिक स्वरूप

धमतरी। सिहावा नगरी में महानदी रिवर फ्रंट के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हुई है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 20 करोड़ रुपये की सीएसआर स्वीकृति प्रदान की है। धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों को इससे नई गति मिलेगी। महानदी रिवर फ्रंट को तीन प्रमुख जोन में विकसित किया जाएगा। हर जोन की अपनी विशिष्टता और उपयोगिता होगी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सिहावा की पहाडिय़ों की तलहटी से एक छोटी-सी धारा के रूप में महानदी अपनी यात्रा शुरू करती है। सदियों से यह नदी क्षेत्र की जीवनरेखा रही है—खेतों को सींचती और समुदायों का पोषण करती आई है। लेकिन समय के साथ उपेक्षा ने इसे कमजोर कर दिया। अतिक्रमण, गाद, बिना उपचारित जल-निकास और कचरे ने धारा को अवरुद्ध कर दिया, जबकि झाडिय़ों ने प्राकृतिक प्रवाह को बाधित किया। नदी पर निर्भर ग्रामीण इसकी बिगड़ती हालत को बेबस होकर देखते रहे।

इसका उद्देश्य महानदी तट के समग्र विकास के साथ स्थानीय पहचान को सशक्त बनाना है। परियोजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर को भव्य और व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। पत्थर से आकर्षक प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। पृथक मेला ग्राउंड विकसित होगा। कंपाउंड वॉल का निर्माण किया जाएगा। हाई मास्ट लाइटिंग की व्यवस्था होगी। एप्रोच रोड पर एवेन्यू प्लांटेशन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आजीविका भवन का निर्माण होगा। यह भवन स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा। पर्यटक सूचना एवं स्वास्थ्य केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। इससे आगंतुकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं मिलेंगी।
गणेश घाट को सुरक्षित और आकर्षक रूप में विकसित किया जाएगा। पत्थर से सीढ़ीनुमा घाट बनाया जाएगा।लगभग 1200 रनिंग मीटर लंबा पाथवे विकसित होगा। घाट के पास शौचालय और चेंजिंग रूम की सुविधा होगी।
मेडिकल सुविधा और कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। वेंडिंग शॉप्स बनाए जाएंगे। यह विकास धार्मिक अनुष्ठानों को सुगम बनाएगा।
श्रृंगी ऋषि स्थल को हिलटॉप रिट्रीट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण होगा। ट्रैकिंग और प्रकृति दर्शन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह स्थल शांति और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बनेगा।
परियोजना क्षेत्र को स्टेट हाईवे–6 से जोड़ा गया है। अन्य संपर्क मार्ग भी विकसित किए गए हैं। इससे आवागमन आसान होगा। पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। महानदी रिवर फ्रंट विकास परियोजना सिहावा नगरी को नई पहचान देगी। स्थानीय पर्यटन को मजबूती मिलेगी। रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण को स्थायी आधार प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, सुशासन के संकल्प के साथ हम अपनी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करते हुए जीवन को संवार रहे हैं।  एमएए अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश कर रहा है। पहले अतिक्रमण, गाद, बिना उपचारित नालों का पानी और कचरे ने महानदी की धारा को जकड़ लिया था, वहीं जंगली झाडिय़ों ने उसके प्राकृतिक प्रवाह को बाधित कर दिया था। यह स्थिति तब बदली, जब जिला प्रशासन ने महानदी को उसके उद्गम स्थल से पुनर्जीवित करने का अभूतपूर्व प्रयास शुरू किया।

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा प्रारंभ महानदी अवेकनिंग अभियान (रू्र्र) न केवल नदी को संवार रहा है, बल्कि लोगों के नदी से रिश्ते को भी नई दिशा दे रहा है। धमतरी के लोगों के लिए यह अभियान केवल नदी पुनर्जीवन तक सीमित नहीं है।

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