Anti rabbies लगाने में देर हुई तो नपेगा अस्पताल : केन्द्र
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में कुत्ते के काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को सख्त निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार ने कहा क्योंकि पूरे देश में कुत्ते के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे पब्लिक हेल्थ को खतरा है। निर्देश के मुताबिक सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को Anti rabbies वैक्सीन के डोज स्टाक करना होगा। यदि किसी को समय पर यह डोज नहीं मिल पाया तो अस्पताल को जवाब देना होगा।
केंद्र सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG) का परमानेंट स्टॉक रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सरकार ने स्कूलों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बस डिपो और रेलवे स्टेशनों सहित ज्यादा भीड़भाड़ वाले इंस्टीट्यूशनल एरिया में आवारा कुत्तों के घुसने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर मेडिकल तैयारी प्रोटोकॉल शुरू किए हैं।
मिंट के अनुसार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से दिसंबर में सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं । साथ ही कहा गया कि सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को हर समय एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन का अनिवार्य स्टॉक बनाए रखना होगा।
क्या होते हैं दोनों इंजेक्शन
आपको बता दें कि एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन दोनों का इस्तेमाल रेबीज के खिलाफ पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP), या इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन वे काम करने के तरीके में मौलिक रूप से अलग हैं: ARV शरीर को लंबे समय तक सुरक्षा के लिए अपनी एंटीबॉडी बनाने के लिए उत्तेजित करता है, जबकि RIG तुरंत, पहले से बनी एंटीबॉडी प्रदान करता है जो तुरंत, कम समय के लिए, पैसिव सुरक्षा देती है।
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