और इस तरह 20 साल पहले ग्रहों की सूची से बाहर हो गया प्लूटो
भिलाई। हमारी पीढ़ी के बच्चों ने स्कूल में जब स्कूल में सौरमंडल के बारे में पढ़ा तो उसमें 9 ग्रह थे। हमारे सौरमंडल में सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले आठ मुख्य ग्रह (सूर्य से बढ़ती दूरी के क्रम में) हैं: बुध (Mercury), शुक्र (Venus), पृथ्वी (Earth), मंगल (Mars), बृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), अरुण (Uranus) और वरुण (Neptune) और प्लूटो (Pluto)। सन् 2006 में प्लूटो को इस सूची से अलग कर बौना ग्रह परिभाषित कर दिया गया। इसके साथ ही सौरमंडल में केवल 8 ग्रह रह गए।
2006 में, अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ IAU ने एक पूर्ण ग्रह के लिए तीन मानदंड निर्धारित किए: 1. सूर्य की परिक्रमा करना, 2. गोलाकार आकार होना, और 3. कक्षा के आसपास के क्षेत्र को साफ करना। प्लूटो तीसरे मानदंड में विफल रहा। प्लूटो अपनी कक्षा को नेपच्यून से साझा करता है और कुइपर बेल्ट के अन्य पिंडों को नहीं हटा पाया, इसलिए अब यह एक “बौना ग्रह” (dwarf planet) है।
छोटा आकार: प्लूटो का आकार चंद्रमा से भी छोटा है। इसका द्रव्यमान (mass) पृथ्वी के द्रव्यमान का केवल 0.2% है। सन 2000 के बाद वैज्ञानिकों को कुइपर बेल्ट में प्लूटो से मिलते-जुलते कई अन्य पिंड (जैसे एरिस – Eris) मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्लूटो एक ग्रह की तुलना में एक बौना ग्रह (Dwarf Planet) है।
इस प्रकार, 75 वर्षों तक नौवां ग्रह माने जाने के बाद, प्लूटो को आधिकारिक तौर पर 2006 में ग्रह का दर्जा खोना पड़ा।
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