जमानत पर छूटते ही मचाया गदर, फिंगेश्वर की बकली बनी छावनी
मंदिर टूटने की पुरानी घटना के जुड़ने से और उलझा मामला
गरियाबंद। गरियाबंद जिले में मंदिर तोड़े जाने से जुड़े पुराने विवाद ने रविवार को उग्र रूप ले लिया। फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम बकली में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ तनाव देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया, वाहनों और घर को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते मामले ने सामूदायिक रूप धारणर लिया। फिलहाल पूरा गांव छावनी बना पड़ा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, वहीं किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर रखा गया है। पथराव के दौरान एक पुलिस जवान बेहोश हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार, चार महीने पहले हथखोज गांव की एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग राहगीरों से मारपीट और लूटपाट करते नजर आए थे। वीडियो सामने आने के बाद फिंगेश्वर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर रिहा होकर लौटे आरोपियों ने रविवार सुबह करीब 11 बजे बकली गांव में शिकायतकर्ता से मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट की यह घटना जल्द ही दो समुदायों के बीच संघर्ष में तब्दील हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों में आग लगा दी और रास्ते में खड़े वाहनों को भी जला दिया। ग्रामीण जितेंद्र का आरोप है कि हमलावरों ने ही करीब डेढ़ साल पहले गांव के शिव मंदिर को तोड़ा था, जिसका मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। अब जमानत पर छूटे आरोपियों द्वारा फिर से हिंसा फैलाई जा रही है।
घटना के बाद ग्राम दुतकैया में विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष के युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक के बाद एक पांच लोगों पर चाकू और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात के बाद गांव में भारी तनाव व्याप्त है, जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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