पहली बार मेड इन इंडिया होगा राफेल, स्वदेशी पुर्जे भी लगेंगे
नई दिल्ली। भारत ने फ्रांस के साथ राफेल फाइटर जेट खरीदने का करार किया है। 114 विमानों की इस डील में 96 विमाल भारत में बनेंगे। इनमें पहली भारत में निर्मित कल पुर्जे भी लगेंगे। नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार कल पुर्जों की मात्रा 50 प्रतिशत या इससे भी अधिक हो सकती है।
114 राफेल फाइटर जेट की सप्लाई 2028 में शुरू हो जाएगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस डील के जरूरी डिटेल शेयर किए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसा पहली बार होगा कि राफेल फाइटर जेट फ्रांस से बाहर बनेगा और उसमें भी लगभग 50% लोकल कल-पुर्जों का इस्तेमाल होगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस के साथ 3.6 लाख करोड़ रुपये की डील को हरी झंडी दी है। डील के तहत पहला राफेल फाइटर जेट भारतीय नौ सेना को मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा है कि ‘इससे हम फाइटर एयरक्राफ्ट तुलनात्मक रूप से जल्दी शामिल कर पाएंगे, क्योंकि 2028 में राफेल मरीन आने शुरू हो जाएंगे और उसके बाद अभी से साढ़े तीन साल बाद इंडियन एयर फोर्स के पहले राफेल आने शुरू हो जाएंगे।’ मतलब, 2029 में एयर फोर्स को अतिरिक्त राफेल फाइटर जेट मिलने लगेंगे।
फ्रांस से अतिरिक्त 114 राफेल जेट खरीदने की यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से मात्र चार दिन पहले मिली है। रक्षा सचिव का कहना है कि राफेल फाइटर जेट में भारतीय हथियारों और उससे जुड़े सिस्टम के इस्तेमाल पर भारत का पूर्ण अधिकार होगा।
खबर के मुताबिक फ्रांस की विमान कंपनी डसॉल्ट एविएशन 18 राफेल विमान पूरी तरह से उड़ान भरने के लिए तैयार करके देगी और बाकी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। 114 में से 96 राफेल विमान भारत में ही बनने वाले हैं। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के सामने विचार के लिए लाया जा सकता है, जिसके बाद इसपर फाइनल मुहर लग जाएगी।
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