पाटणकर कन्या महाविद्यालय में संकाय उन्नयन कार्यक्रम
दुर्ग। शासकीय डाॅ वावा पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में फैकल्टी डेव्लपमेंट प्रोग्राम का पंचम दिवस प्राचार्य डाॅ रंजना श्रीवास्तव के कुशल मार्गदर्षन में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालयन में निर्मित दृष्टिकोण आगे चलकर सामाजिक संरचना को प्रभावित करता है, इसलिए इन संस्थाओं द्वारा लैंगिक पूर्वाग्रह दूर करने का प्रयास आवश्यक है।

मुख्य वक्ता डाॅ उषाकिरण अग्रवाल, प्राचार्य शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय, धमधा ने उच्च शिक्षण संस्थानों में लैगिंक भूमिका, रुढियां एवं पूर्वाग्रह पर व्याख्यान देते हुए कहा- कि उच्च शिक्षा में लैंगिक पूर्वाग्रह और रुढ़ियों का स्वरूप समझाते हुए उनके कारणों एवं निदान पर प्रकाश डाला, और कहा कि सामाजिक न्याय व गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा समाज की अनिवार्य आवश्यकता है इसलिए संस्थानों को लैंगिक पूर्वाग्रहों को समाप्त करने के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए।
सुश्री श्वेता राजमणि, पुलिस उप-महानिरीक्षक ने ‘मिशन शक्ति’ के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि यह भारत सरकार की ऐसी योजना है जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जाता हैं। इसे महिला एवं बाल विकास, मंत्रालय द्वारा लागू किया जाता है, इसके अंतर्गत महिलाओं को सुरक्षा व संरक्षण देकर समर्थ बनाया जाता है, इसमें वन स्टाॅप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181, बेढी पढ़ाओ-बेटी बचाओ योजना तथा सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिससे महिलाएँ आत्म निर्भर होती है।
इस अवसर पर वनस्पति विज्ञान की कु0 तान्या हलधर के नेतृत्व में छात्राओं द्वारा ‘जीवन का फर्क’ नाटक की प्रस्तुति दी गई। मनोविज्ञान, गृहविज्ञान, रसायनशास्त्र विभाग द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक डाॅ0 रेशमा लाकेश ने कहा कि छात्रों में लैंगिक समानता की समक्ष निर्माण करना एक जिम्मेदारी है। यह छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए व समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए ऐसे कार्यक्रम आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक ठाकुर एवं आभार प्रदर्शन डाॅ0 सुषमा यादव द्वारा दिया गया।
#FDP #GirlsCollegeDurg












