फास्ट फूड खाने वाले अक्सर चिड़चिड़े क्यों हो जाते हैं

फास्ट फूड खाने वाले अक्सर चिड़चिड़े क्यों हो जाते हैं

भिलाई। आज अधिकांश परिवारों को शिकायत है कि उनके बच्चे बात-बात पर चिढ़ जाते हैं। बिना बात के चिड़चिड़ाते रहते हैं। कुछ बोलो तो काटने को दौड़ते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी वजह उनका पेट हो सकता है। जी हां! यदि पेट खराब रहता हो तो मूड खराब रहने में बिल्कुल भी वक्त नहीं लगता। दरअसल, पेट और दिमाग के बीच गहरा संबंध है जिसे  गट ब्रेन एक्सिस (Gut Brain Axis) कहा जाता है।

गट ब्रेन एक्सिस खराब पाचन तनाव, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी का कारण बनता है। वेगस  तंत्रिका  (Vagus Nerve) के माध्यम से पेट के खराब होने का सीधा असर मूड पर पड़ता है। पेट और दिमाग के बीच एक सीधी नस होती है, जिसे ‘वेगस नर्व’ कहते हैं। पेट खराब होने पर यह नर्व दिमाग को तनाव के संकेत भेजती है, जिससे मानसिक अशांति होती है।
इसके अलावा शरीर का अधिकांश सेरोटोनिन Serotonin (खुशी देने वाला हार्मोन) पेट में बनता है। पेट खराब होने से इसका उत्पादन प्रभावित होता है, जिससे मूड खराब होना और तनाव बढ़ना आम है। खराब पाचन तंत्र में सूजन (inflammation) पैदा कर सकता है, जो खून के जरिए दिमाग तक पहुंचती है, जिससे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है।
पेट में गैस बनने पर यह डायफ्राम पर दबाव डालती है, जो सीधे सिरदर्द और बेचैनी का कारण बन सकता है।
इससे बचने के लिए फाइबर और प्रोबायोटिक्स (जैसे दही) का सेवन बढ़ाएं। नियमित योग या टहलने से पाचन बेहतर होता है और गैस से राहत मिलती है। मानसिक तनाव पेट को खराब करता है, इसलिए ध्यान या गहरी साँस लेने का अभ्यास करें।

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