बीएसपी में राजभाषा गतिविधि अंतर्गत संस्मरण-प्रस्तुति कार्यक्रम
भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएँ विभाग में राजभाषा गतिविधियों के अंतर्गत संस्मरण-प्रस्तुति कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा कर्मचारियों में सृजनात्मक लेखन एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना था।
इस अवसर पर डॉ. परदेशी राम वर्मा ने संस्मरण-लेखन एवं उसकी प्रभावी प्रस्तुति पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि जो कुछ व्यक्त हो रहा है उसे ग्रहण करना और जो ग्रहण किया है उसे प्रभावी रूप से व्यक्त करना—यदि कोई यह कला सीख लेता है, तो उसका जीवन सार्थक हो जाता है। उन्होंने अपने मार्गदर्शन से प्रतिभागियों को सृजनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति प्रेरित किया।
महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ) एवं सम्पदा अधिकारी राजेश कुमार साहू, मूल्यांकन सहायक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन राजभाषा के संवर्धन के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक सिद्ध होते हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में राजेश कुमार साहू ने 27 वर्ष पूर्व की एक प्रेरक घटना साझा करते हुए संदेश दिया कि शिक्षित एवं संस्कारित व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी शांत, संयमित एवं सकारात्मक व्यवहार बनाए रखता है।
16 पंजीकृत प्रतिभागियों में से 10 ने मंच पर प्रस्तुति दी। श्रेष्ठ पाँच प्रस्तुतियों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार उप प्रबंधक नन्द किशोर बोरकर, द्वितीय पुरस्कार सहायक महाप्रबंधक पी.एस. सिदार तथा शिक्षा विभाग के डॉ. शीतल चन्द्र शर्मा को दिया गया। तृतीय पुरस्कार आर शेषाद्रि अय्यर को तथा प्रोत्साहन पुरस्कार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक पी.एल. साहू को प्रदान किया गया। अन्य सभी प्रतिभागियों को उनकी सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रबंधक (नगर सेवाएँ-प्रवर्तन) एवं हिंदी समन्वय अधिकारी मुकुन्द दास मानिकपुरी द्वारा किया गया तथा अनुभाग अधिकारी सुश्री सुलेखा नायक ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया।
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