90 साल के बुजुर्ग के लिए कोर्ट से बाहर आए जज, 35 मिनट सुनवाई
पटना। कोर्ट की चौखट पर एक बुजुर्ग कार से पहुंच तो गया, मगर कार से कोर्ट रूम तक जाने की हालत नहीं थी। फिर सीबीआई जज सुनवाई के लिए खुद कार तक आए। 35 मिनट तक मामले की सुनवाई की। बिहार की राजधानी पटना में न्यायपालिका ने संवेदनशीलता की एक अद्भुत मिसाल पेश की। नवभारत टाइम्स.कॉम के अनुसार सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार ने शारीरिक रूप से लाचार 90 साल के अभियुक्त जय नारायण सिंह की स्थिति को देखते हुए प्रोटोकॉल से परे जाकर न्याय दिया। जमुई के रहने वाले बुजुर्ग आरोपी चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ थे, जिसे देखते हुए जज खुद सुबह 11 बजे अदालत से बाहर निकलकर उनकी गाड़ी के पास पहुंचे। लगभग 35 मिनट तक कार के पास ही कानूनी प्रक्रिया चली। जज ने न केवल मामले की सुनवाई की, बल्कि बुजुर्ग की लाचारी की तहकीकात भी की। आखिरकार, आरोपी की ओर से गुनाह स्वीकार करने और बैंक राशि लौटाने की सहमति के बाद इस लंबे विवाद का सुखद अंत हुआ।
ये कानूनी विवाद साल 2011 का है, जब जमुई के जय नारायण सिंह पर यूको बैंक से धोखाधड़ी का आरोप लगा था। आरोप था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर करीब 4 से 5 लाख रुपए का ट्रैक्टर लोन हासिल किया था। मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने इसकी गहन जांच की थी, जिसमें लोन लेने के लिए जमा किए गए कागजात अवैध पाए गए थे। तब से ये मामला अदालत में लंबित था और बुजुर्ग आरोपी लगातार कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे थे।
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