बिहार में भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की अब निकाली जाएगी हेकड़ी

बिहार में भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की अब निकाली जाएगी हेकड़ी

पटना। बिहार सरकार ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की हेकड़ी निकालने का मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत अपराधियों के साथ सांठ-गांठ और भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस अधिकारियों को डिमोट (पदावनत) किया जाएगा तथा उसी थाने में उनकी ड्यूटी लगाई जाएगी जहां वे पहले बड़े अधिकारी थे।

बिहार में थाना स्तर पर भ्रष्ट आचरण वाले पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को पहले सिर्फ निलंबित किया जाता था। पर अब ऐसे पुलिस अफसरों-कर्मियों को पदावनत किया जाएगा। डिमोशन के बाद सामान्य जिम्मेदारी के साथ उनकी उसी थाने में तैनाती होगी, जिसमें पहले से पोस्टेड हैं। पुलिस मुख्यालय ने क्षेत्रीय पुलिस पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में पुलिस मैनुअल के तहत कार्रवाई के अन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने का निर्देश भी दिया है।

थानों में तैनात पुलिसकर्मियों के भ्रष्ट आचरण की शिकायत लगातार पुलिस मुख्यालय पहुंच रही है। डीजीपी की जनता दरबार से लेकर दूसरे बड़े पुलिस अफसरों के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची हैं, जिनमें पीड़ित ने संबंधित थाने के दारोगा और सिपाही पर अपराधियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।

भोजपुर के एक युवक ने लिखित आवेदन में बताया कि क्षेत्र में एक गिरोह सक्रिय है, जो लड़कियों का ऑनलाइन इस्तेमाल कर सरकारी पदाधिकारी और कर्मियों को फंसा कर उनसे मोटी रकम वसूल कर रहा है। इसमें स्थानीय दारोगा भी गिरोह का सहयोग कर रहा है। इसी तरह, नवादा में एक थाने के दारोगा पर भूमि माफियाओं के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया गया। इसको देखते हुए मुख्यालय ने पुलिस अधीक्षकों को गड़बड़ी पाये जाने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सभी पुलिस अधीक्षक पुलिसकर्मियों पर आचरण में संलिप्त सुधार नहीं होने पर कड़ी नजर रखें। सुधार नहीं होने पर उनको निलंबित करने के अलावा पदावनत सहित अन्य विकल्प भी आजमाएं। पुलिस अनुशासन में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विनय कुमार, डीजीपी, बिहार

इंस्पेक्टर से दारोगा और दारोगा से होंगे जमादार
बिहार पुलिस एसोसिएशन के पूर्व महासचिव केके झा के मुताबिक पुलिस मैनुअल के नियम 824 से 851 में सजा को लेकर कई तरह के प्रावधान हैं। इसमे लघु दंड, ब्लैक मार्क और सेक्शन 311(2) के तहत बर्खास्तगी तक का प्रावधान है। गंभीर आचरण, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के आरोपों पर दारोगा से इंस्पेक्टर बने कर्मी को दोबारा दारोगा जबकि सिपाही से दारोगा बने कर्मी को जमादार में डिमोट किया जा सकता है। हालांकि, जो कर्मी जिस पद पर बहाल हुआ है, उससे नीचे के पद पर उसकी पदावनति (डिमोशन) नहीं हो सकती।

#Bihar_Police_Corruption

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *