मातृशक्ति फाउण्डेशन के कार्यों की शिक्षा निदेशक ने की सराहना
डॉ अंजना ने दी स्व के चिंतन, आकलन, विश्लेषण व परिवर्तन की सीख
भिलाई। मातृशक्ति फाउंडेशन का स्थापना दिवस बुधवार को मनाया गया। सहायक निदेशक शिक्षा श्रीमती कल्पना स्वामी आयोजन की मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति फाउण्डेशन के कार्यों से वे भली भांति परिचित और प्रभावित भी हैं।

श्रीमती स्वामी ने कहा कि मातृशक्ति अपने नाम के अनुरूप ही बेटियों की बेहतर शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह कमजोर आय वर्ग की बेटियों की शिक्षा को सुचारू बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस फाउंडेशन की मदद करके उन्हें आत्मीय खुशी होगी।
पुलिस काउंसलर एवं पूर्व प्राध्यापक डॉ अंजना श्रीवास्तव ने महिला के मां और सास रूपों की चर्चा करते हुए अपेक्षित बदलाव के सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि स्व चिंतन, स्व आकलन, स्व विश्लेषण और स्व परिवर्तन से हम अपने रिश्तों को बेहतर संभाल सकते हैं।

जयश्री प्रधान ने समाज सेवा में सिर्फ धन देना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि समय भी देना होता है। वहीं गीता श्रीवास्तव ने फाउन्डेशन की संस्थापक डॉ अलका दास के जीवन को परिवार के साथ समाज के लिए समर्पित बताया जो संभवतः उन्हें अपनी मां स्व. शांतिदेवी अखौरी से मिला है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंजली बग्गा ने डॉ अलका दास द्वारा देह दान की वसीयत किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सब का भला सोंचने और करने की चाह उनके व्यक्तित्व को रेखांकित करती है। उनका जीवन दर्शन फाउंडेशन की सदस्याओं को प्रेरित करता है।
आरम्भ में अतिथियों का स्वागत रुपाली बिजवे और सरोज साहू ने किया। इस अवसर पर अंजलि और पारूल ने अंग्रेजी के अल्पज्ञान पर एक प्रहसन प्रस्तुत किया। वहीं दीप्ति और कोमल ने पति पत्नी की नोंकझोंक को चुटीले अंदाज में प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
आरंभ में वार्षिक प्रतिवेदन वैशाली काले ने पढ़ा और धन्यवाद ज्ञापन अंजू चंदनिहा ने किया। सुप्रसिद्ध गायिका रेणु शर्मा के होली गीत ने सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर मनोरमा पांडे,आरती शुक्ला, लता, रानी, गांधी, मधुलिका भारद्वाज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
#MatriShakti_Foundation












