हाइटेक में पहली पिनाइल इम्प्लांट सर्जरी, लौटी युवक की खुशियां

हाइटेक में पहली पिनाइल इम्प्लांट सर्जरी, लौटी युवक की खुशियां

भिलाई। हाइटेक सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में एक युवक की पिनाइल इम्प्लांट सर्जरी की गई। उसकी लगभग एक साल पहले ही शादी हुई थी पर वह संबंध बनाने में नाकाम था। पहले उसका इलाज औषधियों एवं इंजेक्शन से किया जा रहा था पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा था। हाइटेक में जांच के दौरान एक ऐसी समस्या सामने आई जो बहुत कम लोगों में देखी जाती है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ नवीन वैष्णव ने बताया कि वैवाहिक जीवन के आरंभ में कुछ दिक्कतें आना स्वाभाविक माना जाता है। पर इस दंपती की समस्या काफी गंभीर था। तनाव तो आता था पर वह टिकता नहीं था (Erectile Dysfunction) । इससे न केवल दंपती का मनोबल कमजोर हो गया था बल्कि शादी टूटने के कगार तक जा पहुंची थी। जांच करने पर पता चला कि वह वीनस लीकेज की समस्या से जूझ रहा था।
वीनस लीकेज में उत्तेजित होने पर रक्त का प्रवाह पुरुषांग की ओर आता है पर नसों में लीकेज (venous leakage) की वजह से वह वहां ठहरने के बजाय वापस लौट जाता है। इसे नसों की कमजोरी भी कहा जाता है। आम तौर पर उत्तेजना के दौरान रक्त का प्रवाह टिका रहता है जिसके कारण स्तंभन संभव हो पाता है। रक्ता के लौट जाने से सख्ती ठहरती नहीं थी।
डॉ वैष्णव ने बताया कि 30 वर्षीय इस युवक को इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उसे पिनाइल इम्प्लांट के बारे में बताया गया। दंपती को विश्वास में लेने के बाद उसकी इम्प्लांट सर्जरी की प्लानिंग की गई। सर्जरी पूरी तरह सफल रही। उसे इम्पोर्टेड इम्प्लांट लगाया गया है। अब वह पूरी तरह ठीक है और उनका दाम्पत्य जीवन भी बेहतर हो गया है।
डॉ वैष्णव ने बताया कि इस बीमारी में समस्या केवल लैंगिक शिथिलता की होती है।  पेशाब करने में भी कोई दिक्कत नहीं होती। वीर्य की कोई दिक्कत नहीं होती। स्खलन के साथ निश्चित रूप से वीर्यपात भी होता है और पिता बनने में कोई समस्या नहीं आती। यह सर्जरी उन मरीजों के लिए आखरी विकल्प होता है जिनपर दवा या इंजेक्शन का कोई असर नहीं होता।

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