सावधान : चिकन को ठीक से नहीं पकाया तो हो सकती है यह बीमारी
चिकन दुनियाभर में डायरिया ( दस्त) फैलाने वाले सबसे आम बैक्टीरिया कैंपिलोबैक्टर का कारण बन रहा है। 1979 से 2024 के बीच 30 देशों से करीब 2,800 बैक्टीरिया जीनोम का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि साल 1900 के बाद से मुर्गियों के बीच कैंपिलोबैक्टर स्ट्रेन लगभग 100 गुना बढ़ गया है। यह एंटीबायोटिक रजिस्टेंस को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे भविष्य में इस बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी का इलाज मुश्किल हो सकता है।
Proceedings of the National Academy of Sciences (PNAS) में प्रकाशित रिसर्च में शामिल वैज्ञानिक प्रोफेसर सैम शेपर्ड के अनुसार, दुनियाभर के पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की संख्या काफी बढ़ रही है। मुर्गियों में कई तरह के बैक्टीरिया पनपने का रिस्क होत है.।अगर कोई ठीक से न पके चिकन का सेवन करता है तो वह इससे संक्रमित हो सकता है। हालांकि चिकन को अच्छी तरह से पकाने से यह बैक्टीरिया मर सकते हैं।
संक्रमित मुर्गी को खाने के बाद कैंपिलोबैक्टर इंसान के शरीर में चला जाता है। इससे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से लेकर डायरिया जैसी बीमारी का रिस्क होता है। हालांकि अधिकांश लोग बिना किसी विशेष इलाज के ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ सकती है। रिसर्च में यह भी पता चला है कि कैंपिलोबैक्टर बैक्टीरिया पर कई तरह की एंटीबायोटिक अब असर नहीं कर रही है, जिससे इस बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी खतरनाक रूप ले रही है।
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