ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं स्व-सहायता समूह की महिलाएं

ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं स्व-सहायता समूह की महिलाएं

कोंडागांव। जहां वहां राह इस उक्ति को ईट निर्माण कार्य से जुड़ी महिलाएं चरितार्थ कर रही है। आदिवासी बहुल कोंडागांव जिले के दूरस्थ ग्राम पंचायत कुधुर में समूह की महिलाएं सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।

ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं स्व-सहायता समूह की महिलाएं

समूह की महिलाओं ने सीआईएफ एवं बैंक लिंकेज के माध्यम से 4 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर सीमेंट ईंट निर्माण कार्य प्रारंभ किया। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आत्मविश्वास के साथ स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ीं। आज उनके द्वारा निर्मित मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण ईंटों की मांग आसपास के गांवों में लगातार बढ़ रही है।

पूर्व में जहां महिलाएं केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, वहीं अब वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इस पहल से न केवल समूह की महिलाओं को नियमित रोजगार मिला है, बल्कि गांव के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। ईंट निर्माण से महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। साथ ही उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह पहल सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। ग्राम पंचायत कुधुर की यह पहल ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण है। महिलाओं को अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर समाज के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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