जिम करने से महिलाओं का शरीर मर्दों जैसा नहीं हो जाता, बेफिक्र रहें
महिलाओं के लिए जिम जाना या व्यायाम करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन कई बार हमें कुछ ऐसी गलत धारणाएं सुनने को मिलती हैं, जो हमारे मन में कई सवाल खड़े कर देती हैं। आम धारणा यह है कि भारी वजन उठाने से महिलाओं की मांसपेशियां बहुत बड़ी हो जाती हैं। यह सच नहीं है। वजन उठाने से बॉडी की अच्छी टोनिंग होती है और यह शरीर के संतुलन को बनाए रखने में भी मदद करता है। (Pic Credit Shutterstock)
महिलाओं का शरीर पुरुषों की तरह मांसपेशियों को बढ़ाने वाले हार्मोन से संपन्न नहीं होता, जिससे उनकी मांसपेशियां बहुत बड़ी हो सकें। महिलाएं भारी वजन उठाकर अपनी मांसपेशियों को टोन कर सकती हैं, लेकिन वे इतनी आसानी से बड़ी नहीं होंगी। इसलिए महिलाएं बिना किसी डर के भारी वजन उठा सकती हैं।
कई लोग मानते हैं कि कार्डियो ही सबसे अच्छा व्यायाम है और इससे ही वजन कम होता है। हालांकि, यह सही है कि कार्डियो वजन घटाने में मदद करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अन्य व्यायाम अहम नहीं होते। वजन उठाना, योगा जैसे व्यायाम भी बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा शरीर की एनर्जी को बढ़ाने के लिए कार्डियो के साथ-साथ मांसपेशियों की व्यायाम भी जरूरी है।
बहुत से लोग महिलाओं को स्क्वाट और डेडलिफ्ट जैसी व्यायाम करने से मना करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे शरीर का आकार बिगड़ जाएगा या मांसपेशियां बहुत बड़ी हो जाएंगी। यह पूरी तरह गलत है। सही तरीके से की गई व्यायाम से न केवल मांसपेशियां मजबूत होती हैं, बल्कि शरीर का संतुलन भी बेहतर होता है। इसके अलावा ये व्यायाम दिल की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से नहीं बढ़ता वजन
कई लोग मानते हैं कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने पर वजन बढ़ जाता है, जबकि असलियत में ऐसा नहीं होता। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर का संतुलन बेहतर होता है। इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि वे इन गलत धारणाओं से प्रभावित न हों और सही जानकारी के आधार पर अपनी फिटनेस यात्रा जारी रखें। इससे न केवल उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
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