भिलाई। शहर के ऐतिहासिक नेहरू हाउस ऑफ कल्चर में सूत्रधार ने तीन नाटकों का मंचन किया। ‘सरजू बाग की मोनालिसा’, ‘धूप का एक टुकड़ा’ एवं ‘बातें’ का कथ्य और अदायगी, दोनों ही लोगों को भावुक कर गईं। वरिष्ठ रंगकर्मी संजीव मुखर्जी, निर्देशक संगीता बर्मन एवं युवा निर्देशक सिग्मा उपाध्याय ने यह आयोजन नाट्य कार्यशाला के समापन के अवसर पर किया था। सरजू बाग की मोनालिसा अदम गोंडवी की रचना पर आधारित है जिसमें एक किशोरी के बलात्कार और पिछड़े प्रदेशों में सवर्णों की दबंगई से जुड़ा था। संजीव मुखर्जी ने इसे बेहद संजीदगी के साथ प्रस्तुत किया। दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए। यह एक एकल प्रस्तुति थी।












