भिलाई। ‘यदि हमने स्टूडेंट्स को सारे विषयों के बारे में पढ़ा तो दिया परन्तु यदि उसे जीवन कौशल के विषय के बारे में ज्ञान नहीं है तो उसका सारा ज्ञान अधूरा ही रह जायेगा क्योंकि वह इस ज्ञान का उपयोग अपने जीवन में आनेवाली चुनौतियों से निपटने में बेहतर तरीके से नहीं कर पायेगा।’ उक्त बातें भिलाई महिला महाविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमीनार के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए की-नोट स्पीकर डॉ केएम भण्डारकर ने व्यक्त किए।












