अडाणी डिफेंस और अगस्ता वेस्टलैंड में डील, फिर खरीदेंगे हेलीकाप्टर
नई दिल्ली। इटली की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड एक बार फिर भारत के रक्षा क्षेत्र में एंट्री करने जा रही है। अगस्ता वेस्टलैंड की पेरेन्ट कंपनी लियोनार्डों के साथ अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की डील को अंतिम रूप दिया जा चुका है। रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए 120 और वायु सेना के लिए 80 हेलिकॉप्टर की खरीद को मंजूरी दी थी।
भास्कर.कॉम की खबर के अनुसार अगस्ता वेस्टलैंड को 2021 में क्लीन चिट मिल गई थी। 2010 में इस कंपनी पर भारतीय वायु सेना के अधिकारियों को 423 करोड़ रुपए का भुगतान करने का आरोप लगा। 3600 करोड़ रुपए के इस वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदी सौदे को 2014 में औपचारिक रूप से रद्द कर दिया गया। साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इस डील ने करीब एक दशक तक भारतीय राजनीति को झकझोर दिया था।
सबूतों के अभाव में पहले इटली की अदालत ने और बाद में नवंबर 2021 में रक्षा मंत्रालय ने अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट दे दी थी। अगस्ता की पैतृक कंपनी लियोनार्डो के साथ अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस की डील को अंतिम रूप दिया जा चुका है। अडाणी ग्रुप के अनुसार इसकी औपचारिक घोषणा मंगलवार को होगी। लियोनार्डो कभी फिनमैकेनिका के नाम से जानी जाती थी।
रक्षा मंत्रालय ने इस केस से जुड़ी भारतीय कंपनी डेफसिस प्राइवेट लिमिटेड पर जून 2025 में प्रतिबंध की अवधि बढ़ाई थी। हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के आदेश को निरस्त कर दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस कंपनी के खिलाफ केंद्र की याचिका खारिज की और कहा कि ताजा सबूतों के अभाव में प्रतिबंध को बढ़ाना सही नहीं है। हालांकि, 6 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले में आरोपी वकील गौतम खेतान की याचिका खारिज कर दी।
सियाचिन में सेना के लिए है हेलिकॉप्टरों की जरूरत
सियाचिन में सैनिकों को रसद पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर की जरूरत है। रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए 120 और वायु सेना के लिए 80 हेलिकॉप्टर की खरीद को मंजूरी दी थी। इससे पहले, जनवरी 2014 में सौदे के तीन हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति हुई थी, पर कोर्ट केस के कारण उन्हें उपयोग में नहीं लाया जा रहा था।
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