टोल टैक्स की चोरी की तो न फिटनेस होगा और न एनओसी मिलेगी
नई दिल्ली। सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया है। अगर किसी गाड़ी वाले ने एनएचएआई की सड़कों पर टोल नहीं भरा तो उसकी गाड़ी को एनओसी जारी नहीं की जाएगी। ऐसे गाड़ी वाले की गाड़ी का ना तो फिटनेस रिन्यूअल होगा और ना ही वह अपनी गाड़ी को आगे बेच सकेगा। केन्द्र सरकार ने नए निर्देश देश में बैरियर फ्री टोल सिस्टम लागू करने की दिशा में चल रहे केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रयासों के तहत किया है। आदेश के अनुसार बकाया टोल जमा करने के बाद ही टोल टैक्स चुराने वालों की गाड़ी को एनओसी मिल सकेगी।
मंत्रालय ने बताया कि इस मामले में संशोधित मोटर वाहन नियमों की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसी के साथ संशोधित किए गए नए नियम लागू हो गए हैं। यह नियम बनाना इसलिए भी जरूरी था क्योंकि, आने वाले समय में देश में बैरियर फ्री टोल सिस्टम लागू करने पर तेजी से काम किया जा रहा है। ऐसे में जब टोल रोड पर रास्ते में टोल प्लाजा नहीं होंगे तो कितने ही लोग ऐसे हो सकते हैं। जो अपने अकाउंट में पैसा ना रखते हुए टोल नहीं भरेंगे।
इसके अलावा संशोधित नियमों में अवैतनिक उपयोगकर्ता शुल्क (Unpaid User Fee) के बारे में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत जिस गाड़ी को इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम ने अपने रिकॉर्ड में तो लिया। लेकिन उसे राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के अनुसार पूरा टोल नहीं मिला। ऐसे मामलों में गाड़ी वालों पर अंकुश लगाया गया है।
गाड़ी के एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर कराते वक्त भरे जाने वाले फॉर्म-28 में भी बदलाव किया गया है। अब इस फॉर्म में यह भी बताना होगा कि उसका किसी टोल प्लाजा पर कोई टोल बकाया नहीं है। इस फार्म के तहत गाड़ी पर कोई टैक्स, चालान और कानूनी मामलों के बारे में तो पूछा जाता था। लेकिन अब इसमें टोल चोरी को भी जोड़ दिया गया है।
#TollTax #Fitness #NOC












