ऊर्जा का "अक्षय पात्र" बन जाएगा कलपक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर

ऊर्जा का “अक्षय पात्र” बन जाएगा कलपक्कम फास्ट ब्रीडर रिएक्टर

‘तो भारत बिना यूरेनियम के ही बनेगा न्यूक्लियर महाशक्ति’, एक्सपर्ट का दावा

नई दिल्ली। भारत ने अपने असैन्य परमाणु कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। तमिलनाडु के कलपक्कम में भारत के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ( PFBR ) ने ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल की। भारत की इस उपलब्धि पर आईजीसीएआर के डायरेक्टर ने रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार इसमें संतुलन आ गया तो यह ऊर्जा के अक्षय पात्र की तरह काम करेगा।

नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) ने डायरेक्टर डॉ. श्रीकुमार जी पिल्लई ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह क्षण एक रिएक्टर के चालू होने से कहीं अधिक मायने रखता है। उन्होंने बताया कि एक बार प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में संतुलन आ जाए, तो भारत को बाहरी स्रोतों से ईंधन की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यह अक्षय पात्र की तरह काम करेगा।
एनडीटीवी से बात करते हुए आईजीसीएआर के डायरेक्टर ने कहा, प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की पहली क्रिटिकैलिटी की यह उपलब्धि भारत के न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम में एक मील का पत्थर है। उन्होंने बताया यह डॉ. होमी जहांगीर भाभा द्वारा परिकल्पित दूरदर्शी तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम की प्राप्ति का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य सीमित यूरेनियम और विशाल थोरियम संसाधनों के जरिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर क्या है?
इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर ने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को आसान शब्दों में समझाते हुए बताया कि भारत के पास यूनेनियम सीमित है, लेकिन थोरियम के विशाल भंडार है। डॉ. पिल्लई ने कहा, जब थोरियम को फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों में ब्लैंकेट मटेरियल के रूप में उपयोग किया जाता है, तो यह यूरेनियम-233 का उत्पादन करता है। यह तीसरे चरण की ईंधन है।

उन्होंने कहा, एक बार प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में संतुलन आ जाए, तो बाहरी स्रोतों से ईंधन की तलाश करने की कोई जरूरत नहीं होगी। रिएक्टर स्वयं को बनाए रखता है और अतिरिक्त ईंधन उत्पन्न करता है। डॉ. पिल्लई ने कहा, इसलिए वास्तव में इसे अक्षय पात्र कहा जाता है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित 500 मेगावाट विद्युत क्षमता वाला फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है। यह भारत की दीर्घकालिक परमाणु रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूर्णतः चालू होने पर भारत रूस के बाद व्यावसायिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर वाला दूसरा देश बन जाएगा। क्रिटिकैलिटी वह अवस्था है जब कोई परमाणु रिएक्टर स्व-संचालित शृंखला अभिक्रिया प्राप्त कर लेता है। यह पूर्ण विद्युत उत्पादन से पहले का महत्वपूर्ण चरण होता है, जो दर्शाता है कि रिएक्टर का कोर निर्धारित डिजाइन के अनुसार कार्य कर रहा है।

#Kalpakkam_Reacter #Nuclear_Power

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *