Agasdiya pays rich tribute to Vinod Shukla and Nasir Ahmed Sinkandar

“अगासदिया” के मंच से शुक्ल व नासिर को श्रद्धांजलि

“छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं हमारा समाज” का विमोचन

भिलाई। अगासदिया एवं वैभव प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में 29 दिसंबर को भिलाई निवास कॉफी हाउस में हुए समारोह में लेखक बद्री प्रसाद पाकर की किताब ‘छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं हमारा समाज’ का विमोचन किया गया। शुरुआत में छत्तीसगढ़ महतारी वंदन महंत अंतराम के गायन से हुआ। आधार वक्तव्य में डॉक्टर सुधीर शर्मा ने कहा कि एक शिक्षाविद बद्री प्रसाद पाकर ने विगत 5 वर्ष में तीन पुस्तक लिखकर जो यश प्राप्त किया है वह प्रशंसनीय है।
मुख्य अतिथि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में हिंदी-अंग्रेजी भाषा विभाग के प्रमुख डॉ राजन यादव मुख्य ने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति से छत्तीसगढ़ का हर समाज एक सूत्र में बंधा हुआ है। बद्री प्रसाद पारकर ने इससे पूर्व दो किताबें और लिखी है वह संस्कृति के जानकार एवं लेखक हैं उनका लेखन बेहद प्रभावशाली है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर परदेशी राम वर्मा ने कहा कि बद्री प्रसाद पारकर शिक्षाविद रहे हैं वह अपने छोटे से गांव बेलौदी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं। उनके लेखन में सच्चाई और ईमानदारी देखते ही बनती है। यह संभावनाशील लेखक हैं। स्वागत भाषण देते हुए बद्री प्रसाद पारकर ने राजभाषा आयोग और वैभव प्रकाशन का आभार माना जिन्होंने उनकी किताबों का प्रकाशन किया।
उन्होंने डॉक्टर परदेसी राम वर्मा के सतत प्रोत्साहन के लिए आभार मानते हुए कहा कि चौथी किताब उपन्यास के स्वरूप में शीघ्र ही पूरा कर लेंगे। विशेष अतिथि लेखक एवं समाजसेवी जीआर राणा ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर तथा डीपी देशमुख ने साहित्य और संस्कृति पर प्रभावशाली वक्तव्य देते हुए कहा कि एक ही परिवार से तीन लेखक और एक गांव से निकलना बड़ी उपलब्धि है।
वक्ता दीनदयाल साहू ने कहा कि बद्री प्रसाद अपने से छोटी उम्र के लोगों को भी भरपूर स्नेह देखकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति का व्यावहारिक परिचय देते हैं। इस दौरान अगासदिया परिवार और वैभव प्रकाशन की ओर से लेखक बद्री प्रसाद पारकर का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में दुर्गा प्रसाद पारकर, मुकुंद पारकर, स्वराज पारकर, शिवेंद्र कुमार पारकर, प्रदीप पारकर और मोनिका स्मिता वर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन में बौद्धिक जगत से पूर्व न्यायाधीश नीलम चंद सांखला, संतोष झांझी, वकील भारती, रामसेवक वर्मा, विजय वर्तमान, विजय गुप्ता, प्रशांत, यमुनोत्री वर्मा, डॉक्टर रघुनंदन ध्रुव, डॉक्टर मिथिलेश पारकर, मुहम्मद जाकिर हुसैन, ओम प्रकाश जायसवाल, प्राचार्य पांडे और नरेश विश्वकर्मा सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद-साहित्यकार डॉक्टर रजनी नेल्सन ने तथा आभार मुनी लाल निषाद ने व्यक्त किया। आयोजन का समापन श्रद्धांजलि सभा के साथ हुआ। जिसमें भिलाई के प्रसिद्ध कवि नासिर अहमद सिकंदर तथा ज्ञानपीठ सम्मान से भी विभूषित कवि विनोद कुमार शुक्ला के अवदान को डॉक्टर परदेसी राम वर्मा एवं पीसी रथ ने याद करते हुए कहा दोनों व्यक्तित्वों का अवसान एक अपूरणीय क्षति है। इस दौरान दोनों हस्तियों की स्मृति को बनाए रखने प्रयास का संकल्प लिया गया।

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