मिठाइयों के देश भारत में “अइरसा” की बात ही निराली है
अइरसा छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध मिठाइयों में से एक है। इसको बनाने के लिए चावल को एक दिन पहले पानी में भिगोकर रखा जाता है। फिर चावल को सुखाकर पीस लिया जाता है और उसमें गुड़ मिलाया जाता है। इसे हल्की आंच पर पकाया जाता है। इसका चलन लगभग सारे उत्तर भारत में है। इस परंपरागत मिठाई को बनाने का तरीका और नाम, दोनों अलग -अलग जगहों पर थोड़े अलग है।
अइरसा रोटी बनाने के लिए सबसे पहले चावल को दो बार धो लें। पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख दे। अगले दिन सुबह चावल को छान लें और सुखा दें। सिल बट्टा या मिक्सी से चावल को पीस ले। जब चावल अच्छे से पिसा जाए तो उसको हाथों से दबा कर रख दें।एक कढ़ाई में पानी और गुड़ को एक साथ गर्म करे और गाढ़ा शिरा बनाएं। शीरे में चावल आटे को थोड़ा-थोड़ा करके डालते जाए और मिलाते जाए।
कढ़ाई में तेल गर्म करे और इस गुड़ के गारे के साथ मिले हुए चावल आटा को गोल-गोल लोई बनाकर चपटा कर ले,और तेल में डाले। जब एक तरफ से अच्छा तरह से सिंक जाए उसके बाद उसे पलट लें और हल्का लाल होने तक सेक लें। झारा से निकाल लें।
अब आपका छत्तीसगढ़ी व्यंजन गुड़ से बना हुआ अइरसा बनकर तैयार है। सबसे अच्छी बात यह है की यह बहुत ही मुलायम होता ह, जिसके कारण इसे बुजुर्ग ज्यादा पसंद करते हैं। अइरसा छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध व्यंजन में से एक है।
#AirsaRoti #ChhattisgarhiSweet #AirsaaRecipe












