बुढ़ापे में ठगी से बचाने, बीएसपी ने वरिष्ठ कार्मिकों को दिया प्रशिक्षण
भिलाई। नौकरी पेशा लोगों को एक न एक दिन अवकाश लेना ही पड़ता है। सार्वजनिक क्षेत्र सहित सरकारी नौकरी पेशा लोगों के लिए सबसे बड़ा संकट होता है कि अपने खाली समय का क्या करें। कुछ लोगों के लिए रिटायरमेंट बेनिफिट के रूप में मिलने वाली एकमुश्त राशि भी उन्हें ठगों के निशाने पर ला देती है। इसके प्रति जागरूकता जरूरी है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने लोगों की इसी जरूरत को संबोधित करने का प्रयास किया है।
सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र के ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा मैनेजमेंट एंड लीडरशिप डेवलपमेंट सेंटर दिल्ली के सहयोग से “प्लानिंग फॉर सुपरएनेुएशन” विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य कार्यपालक एवं गैर-कार्यपालक कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए आत्मविश्वासपूर्ण, सहज और उद्देश्यपूर्ण रूप से तैयार करना था।
कार्यक्रम में आगामी तीन से छह माह में सेवानिवृत्त होने वाले कुल 110 कर्मचारियों ने भाग लिया, जिनमें 30 कार्यपालक एवं 80 गैर-कार्यपालक कर्मचारी शामिल थे। कार्यपालकों के लिए प्रशिक्षण सत्र 16–17 दिसंबर 2025 को भिलाई मैनेजमेंट डेवलपमेंट सेंटर (बीएमडीसी) में आयोजित किए गए, जबकि गैर-कार्यपालकों के लिए कार्यक्रम 18–19 दिसंबर 2025 को एचआरडी केन्द्र में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण सत्रों का संचालन क्षेत्र के प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिनमें पूर्व निदेशक (मानव संसाधन), ओएनजीसी/ओआईएल एवं अध्यक्ष (एमएलडीसी) डॉ. जौहरी लाल, ट्रांसफॉर्मेशन कोच, स्ट्रेस मैनेजमेंट एक्सपर्ट एवं मेडिटेशन टीचर श्री प्रतीक पाठक तथा वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार एवं संस्थापक, आदित्य पोर्टफोलियो कंसल्टेंट्स श्री जवाहर लाल बंसल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से उन बीएसपी कर्मचारियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था जो सेवानिवृत्ति के निकट हैं, ताकि उन्हें सेवानिवृत्ति उपरांत एक स्वस्थ, संतुलित एवं आर्थिक रूप से सुरक्षित जीवन के लिए व्यावहारिक उपकरण, मार्गदर्शन और स्पष्ट दृष्टिकोण प्राप्त हो सके। कार्यक्रम का मुख्य बिंदु सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्ति के चरण को सहज बनाना तथा जीवन के अगले चरण के लिए समग्र तैयारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई, उनमें जीवन के आगामी चरण के प्रति समग्र दृष्टिकोण, परिवर्तन एवं तनाव से निपटने की रणनीतियाँ, वसीयत लेखन, उद्देश्यपूर्ण उत्तर-सेवानिवृत्ति गतिविधियों के माध्यम से “दूसरी पारी” की योजना, भावनात्मक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर बल देते हुए आनंदमय जीवन, प्रभावी सेवानिवृत्ति योजना एवं समय प्रबंधन, तथा वित्तीय योजना और निवेश रणनीतियाँ शामिल रहीं। विशेष रूप से साइबर अपराधों से सतर्कता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को प्रतिभागियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। कर्मचारियों ने सत्रों के दौरान विशेषज्ञों के साथ सक्रिय संवाद करते हुए सेवानिवृत्ति से जुड़ी शंकाओं और भ्रांतियों का समाधान किया। भावनात्मक सुदृढ़ता, कानूनी तैयारी, वित्तीय सुरक्षा और उद्देश्यपूर्ण जीवन से संबंधित विशेषज्ञ मार्गदर्शन से बीएसपी के कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और लचीलापन के साथ अपनाने में सक्षम होंगे।
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