मनोहर ठाकुर ने बिखेरा सुरों का जादू, सुरमयी हुई शाम
भिलाई। अवकाशप्राप्त सेरोलॉजिस्ट मनोहर सिंह ठाकुर ने शनिवार की शाम को भिलाई वासियों के लिए यादगार बना दिया। वॉयस ऑफ रफी के रूप में मशहूर मनोहर ठाकुर ने रफी साहब के कालजयी गीतों को अपनी आवाज दी। जब उन्होंने “न तन ले के लौटा, न मन ले के लौटा ” गीत को अपने खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया तो श्रोताओं की आंखें नम हो गईं। जाने वालों जरा मुड़के देखो मुझे से उन्होंने महफिल का दिल जीत लिया।
स्टील क्लब भिलाई एवं मेटलर्जिकल म्यूजिक मेकर्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने पांच गीत प्रस्तुत किए। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिलाई ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सेफी चेयरमैन नरेन्द्र कुमार बंछोर तथा पूर्व महासचिव परविन्दर सिंह में मौजूद रहे। स्टील क्लब के सचिव डी विजिथ तथा कोषाध्यक्ष अजय पाण्डेय भी अतिथि दीर्घा में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मेटलर्जिकल म्यूजिक मेकर्स के संयोजक ज्ञान चतुर्वेदी ‘आए बहार बनके’, अलका शर्मा ने ‘आइए मेहरबान’, रजनी आर्य ने ‘वो भूली दास्तान’, गार्गी तरफदार ने ‘मरहमी सा चांद’ गीत प्रस्तुत किये। ट्रिपल एम की सीनियर मेम्बर शिखा मोइत्रा ने मनोहर सिंह ठाकुर के साथ एक युगल गीत ‘तुम तो प्यार हो’ की सुन्दर प्रस्तुति दी। ट्रिपल एम के अन्य कलाकारों में श्याम शेखर ने ‘मंजिलें अपनी जगह हैं’, सतीश जैन ‘ये क्या हुआ’, सपन कुंडू ने ‘छू लेने दो नाजुक होठों को’, बिपिन कुमार ने ‘दिल हुम हुम करे’, गरिमा सिन्हा ने ‘पिया तू अब तो आ जा’, अंजना विनादजी ने ‘मेरे दिल में’, अजय लोंधे ने ‘मैं निगाहें तेरे’, दीपक रंजन दास ने ‘है अपना दिल तो आवारा’ प्रस्तुत किया। संजय मोरे ने गजल ‘होश वालों को खबर क्या’ गाकर महफिल को यादगार बना दिया। कलाकार सतीश जैन ने एंकर के रूप में कार्यक्रम को बांधे रखा।
रायपुर से वायस ऑफ रफी मनोहर सिंह ठाकुर के साथ उनकी पत्नी कामिनीजी, हेमंत कुमार, एवं अन्य कलाकार भी मौजूद रहे।
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