मुख्यमंत्री साय ने मां कुदरगढ़ी से की प्रदेशवासियों की मंगल कामना
17वीं सदी में राजा बालंद ने पहाड़ी पर बनवाया था देवी का यह स्थान
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि के पावन अवसर पर कुदरगढ़ी माता के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख शांति की कामना की। उन्होंने कुदरगढ़ महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने मंदिर के नीचे प्रांगण स्थल पर ही हिंगुलाज माता एवं झगरा खाड़ देवता की विधिवत पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार चंदन लगाकर एवं चुनरी चढ़ाकर श्रद्धापूर्वक माता का नमन किया। इस दौरान स्थानीय बैगा राम कुमार बंछोर ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। उनके परिवार की लगभग 10 पीढ़ियां कुदरगढ़ी माता की सेवा में निरंतर लगी हुई हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी को कुदरगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन विकास निगम एवं कुदरगढ़ी मंदिर मां बागेश्वरी लोक न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष रामसेवक पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जनश्रुतियों के अनुसार कुदरगढ़ी माता मंदिर की मान्यता है कि यहां श्रद्धापूर्वक मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इसी कारणवश जिले सहित प्रदेश एवं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।
कुदरगढ़ सूरजपुर जिला मुख्यालय से लगभग 25-40 किमी दूर ओडगी क्षेत्र की पहाड़ी पर स्थित है। 17वीं सदी में कोरिया के राजा बालंद द्वारा यह मंदिर बनवाया गया था, जहाँ देवी मां ने असुरों का नाश किया था। मंदिर तक पहुँचने के लिए पक्की सीढ़ियाँ हैं और पहाड़ के ऊपर रहने के लिए धर्मशालाएँ भी उपलब्ध हैं। पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर तक पहुँचने के लिए एक तरफ से कुल 893 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। मंदिर परिसर में बाघ घाट, नाग टिब्बा, सूरजधारा, और विजयकुंड (जहाँ हमेशा पानी रहता है) प्रमुख हैं। नवरात्रि (मार्च अप्रैल) के समय यहाँ जाना सबसे अच्छा माना जाता है।
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