बीएसपी की अनूठी पहल : चित्रकला से सुरक्षा के तीन दशक
भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र का सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग संयंत्र सुरक्षा के साथ-साथ अपने सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए समाज में सुरक्षा जागरूकता के लिए प्रयास करता है। लगातार 30 सालों से आयोजित होने वाली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता एक ऐसा ही कदम है। साल भर भिलाई इस्पात नगरी के बच्चे इस प्रतियोगिता के लिए इंतजार करते हैं और जनवरी माह के दूसरे रविवार को सुनीती उद्यान में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में भाग भी लेते हैं। इस प्रतियोगिता में बच्चों के साथ-साथ उनके पालकों और शिक्षकों का भी उत्साह देखते ही बनता है सुबह से पालक अपने बच्चों को ड्राइंग बोर्ड और सामान लेकर सेक्टर-8 स्थित इस उद्यान में आते दिखते हैं इस प्रतियोगिता में चयनित चित्रकला को नेहरू आर्ट गैलरी में आम जनता के लिए प्रदर्शित भी किया जाता है।
इस प्रतियोगिता में एक अनूठा प्रयास यह भी है कि स्पेशल एबल्ड बच्चों के लिए भी चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाती है जिसमें वह समाज के अन्य वर्ग के साथ बैठकर अपने हुनर दिखाते हैं भिलाई के मुस्कान प्रगति सहित 3 स्कूल के बच्चे इस प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं उन्हें उनके शिक्षक और बालकों की देखरेख में चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने की खुशी देखते ही बनती है।
भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रयास सुरक्षित संयंत्र के साथ-साथ एक सुरक्षित समाज के निर्माण का भी है इतने बड़े स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित करने का मकसद बच्चों की कोमल मन में सुरक्षा के प्रति जागरूकता का बीज रोपित करना है जिससे उनके कोमल मन पर सुरक्षा के प्रति एक संजीदगी और झुकाव आए और यही बच्चे आगे जाकर सुरक्षित समाज का निर्माण करें।
बीएसपी के सुरक्षा विभाग का मूल मंत्र है सुरक्षा घर से घर तक अर्थात कर्मचारी जब घर से संयंत्र के लिए निकले तो वहां से वह सड़क सुरक्षा का पालन करते हुए संयंत्र में प्रवेश करें और पूरे कार्य अवधि के दौरान वह सुरक्षा के उच्च मूल्य का पालन करते हुए सुरक्षित अपने घर वापस लौटे। यह तभी संभव है कि वह सड़क सुरक्षा सहित संयंत्र में सुरक्षा के हर पहलू को गंभीरता से ले।
साल दर साल प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या और बच्चों के साथ-साथ मां-पिता के उत्साह को देखते हुए गत वर्ष से बीएसपी ने पालकों के लिए भी प्रतियोगिता का आयोजन किया है अब बच्चों के साथ उनके पालक भी अब पेंटिंग्स बना कर अपने पुराने हुनर को पुनः जिंदा कर रहे हैं। करीब 3 घंटे चलने वाली प्रतियोगिता में पहले पालक सिर्फ दर्शक बने रहते थे लेकिन विभाग के इस अनूठे प्रयास ने उन्हें भी उसे प्रतियोगिता का हिस्सा बना दिया है।
स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षा आधारित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन लगभग 30 वर्षों से जारी है साल दर साल प्रतिभागियों की संख्या में वृद्धि ही होती जा रही है। सड़क सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा, संयंत्र सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा सहित अन्य विषयों पर बच्चे अपने मनोभाव और जानकारी को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करते हैं।
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