पिकनिक और पर्यटन का आकर्षण बना गौरेला का “ठाड़पथरा”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जीपीएम जिले का ठाड़पथरा, अपने नाम के अनुरूप खड़ी चट्टानों, घने जंगलों और अमरकंटक पहाड़ी से निकलने वाली धाराओं के लिए मशहूर एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहाँ बैगा … Read More
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जीपीएम जिले का ठाड़पथरा, अपने नाम के अनुरूप खड़ी चट्टानों, घने जंगलों और अमरकंटक पहाड़ी से निकलने वाली धाराओं के लिए मशहूर एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जहाँ बैगा … Read More
रायपुर। प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। … Read More
रायपुर. संभवतः देश का यह एकमात्र मंदिर है जहां प्रभु श्रीराम अपने सभी भाइयों के साथ विराजे हैं. मंदिर में एक तैरती शिला भी है जिसे रामेश्वरम से लाकर यहां … Read More
बिलासपुर जिले का एक छोटा सा कस्बा है मल्हार. अरपा, लीलागर और शिवनाथ नदी के बीच बसा मल्हार कभी कलचुरियों का गढ़ रहा है. यहां मां डिडनेश्वरी देवी का प्रसिद्ध … Read More
दंतेवाड़ा। दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में गीदम-बारसूर मार्ग पर फणी-नाग का मंदिर है। इस मंदिर की स्थापना नागवंशी राजाओं ने की थी। विशेष अवसरों पर यहां पूजा अर्चना करने … Read More
रायपुर। बिलासपुर के मदकूद्वीप, दुर्ग के तरीघाट, अंबिकापुर के महेशपुर और बलौदाबाजार के डमरू में मिली प्राचीन विरासत को सहेजने का प्रस्ताव पुरातत्व विभाग ने तैयार कर लिया है। इन … Read More
डोंगरगढ़। ईश्वर हमेशा प्रेमियों का साथ देते हैं। प्राचीन कामाख्या नगरी के दरबारी संगीतकार माधवानल और राजनर्तकी कामकंदला का मिलन कराने के लिए माता विमला यहां अवतरित हुईं थीं। उन्हें … Read More