धमतरी जिले ने पूरे किये स्थापना के तीन दशक, लगाई लंबी छलांग

धमतरी जिले ने पूरे किये स्थापना के तीन दशक, लगाई लंबी छलांग

धमतरी। 6 जुलाई 1998 को रायपुर जिले से पृथक होकर धमतरी नया जिला बना। नए जिले के समक्ष प्रशासनिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने जैसी अनेक चुनौतियां थीं। लगभग तीन दशक की इस विकास यात्रा में धमतरी ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए स्वयं को छत्तीसगढ़ के अग्रणी जिलों में स्थापित किया है।

आज धमतरी जिले में 4 विकासखंड—धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी विकास की धुरी बने हुए हैं। नगर निगम धमतरी, जिले में नगरपालिका परिषद कुरूद सहित नगर पंचायत आमदी, मगरलोड, नगरी और भखारा शहरी विकास को गति दे रही हैं। वहीं सैकड़ों ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

विरासत से विकास तक – तब और अब
महानदी के उद्गम क्षेत्र सिहावा की पवित्र धरती, एशिया के प्रमुख मिट्टी के बांधों में शामिल गंगरेल जलाशय, हरित वन, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परिश्रमी कृषक समुदाय धमतरी की पहचान रहे हैं। किसानों की आजीविका वर्षा पर अधिक निर्भर थी तथा अनेक गांवों में मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। इसके बावजूद यहां के लोगों का परिश्रम, सामाजिक समरसता और प्रकृति से गहरा जुड़ाव इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पूंजी रहा।
पेयजल के क्षेत्र में जल जीवन मिशन ने ग्रामीण जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। जहां कभी महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था, वहीं आज नल कनेक्शन के माध्यम से घरों तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इसके साथ ही सामुदायिक जल प्रदाय योजनाओं के विस्तार से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में भी पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी तथा पेयजल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

विरासत से विकास तक – तब और अब
बेहतर सड़क संपर्क ने गांवों और शहरों के बीच दूरी कम की है तथा व्यापार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाई है। नई सड़कें, पुल-पुलिया तथा यातायात सुविधाओं के विस्तार से जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। नगरीय क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हाईटेक बस स्टैंड, सुव्यवस्थित यात्री सुविधाएं, पार्किंग व्यवस्था और आधुनिक बस संचालन प्रणाली की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही रेल संपर्क और स्टेशन सुविधाओं के उन्नयन से आवागमन और अधिक सुलभ हुआ है, जिससे जिले की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिली है।

किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता

कृषि प्रधान जिले के रूप में धमतरी ने किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था, किसानों के डिजिटल पंजीयन के लिए एग्रीस्टैक का विस्तार, सिंचाई सुविधाओं का बेहतर उपयोग तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार से कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त हुआ है। उद्यानिकी, मत्स्य पालन, डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय के विविध स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण विकास की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण तथा ग्रामीण अधोसंरचना के विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। गांवों में सीमेंट-कंक्रीट सड़कें, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, विद्यालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रहा है।

महिला सशक्तिकरण

“बिहान” के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ते हुए नर्सरी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्यम, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों का विस्तार किया गया है। इससे हजारों ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

खेल और युवा विकास

जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए खेल मैदानों के विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार, प्रतियोगिताओं के आयोजन तथा इंडोर स्टेडियम जैसी आधुनिक अधोसंरचनाओं के माध्यम से युवाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और अन्य खेलों में ग्रामीण एवं शहरी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान

गंगरेल जलाशय, सिहावा, महानदी उद्गम स्थल, रुद्री, देवपुर तथा प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन अधोसंरचना के विस्तार, बेहतर सड़क संपर्क, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से जिले की पर्यटन संभावनाएं और अधिक मजबूत हुई हैं। इससे स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य

विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रवेशोत्सव, डिजिटल शिक्षण, दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं तथा छात्रहितैषी वातावरण विकसित किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, क्षय रोग उन्मूलन, पोषण कार्यक्रम और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया गया है।
आज का धमतरी केवल एक प्रशासनिक जिला नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, नवाचार और सुशासन का सशक्त उदाहरण बन चुका है। स्थापना दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि 1998 में बोया गया विकास का बीज आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसकी छाया में समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित धमतरी का भविष्य निरंतर आकार ले रहा है।

#Dhamtari@30

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