भूत बना रहे थे मंदिर, बच्चे ने खिड़की खोली तो अधूरा छोड़कर भागे
मुरैना। देश में लाखों की संख्या में मंदिर हैं। इनमें से हजारों मंदिर ऐसे हैं जिनके साथ कोई न कोई कहानी जुड़ी हुई है। कहीं मंदिर अधूरा छूट गया तो कहीं मंदिर में पूजा पाठ करने की मनाही है। कोई कोई मंदिर तो ऐसा है कि वहां जाते ही आपकी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। आज हम आपको ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका निर्माण स्वयं शिवजी के गणों अर्थात भूतों ने किया।

जी हां! हम बात कर रहे हैं मुरैला जिले में स्थित काकनमठ मंदिर की। इस मंदिर को बताया जाता है कि एक ही रात में भूतों ने बनाया था। 11वीं शताब्दी में निर्मित यह शिव मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला और रहस्यमयी कहानी के लिए प्रसिद्ध है।
इसकी अनोखी बनावट और कहानी लोगों को हैरान कर देती है। मुरैना जिले के सिहोनिया गांव में स्थित यह मंदिर रहस्यमयी और अद्भुत स्थापत्य कला का उदाहरण है। यह शिव मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके निर्माण से जुड़ी एक लोककथा इसे और भी रहस्यमय बनाती है।
मान्यताओं के अनुसार, काकनमठ मंदिर का निर्माण कच्छपघात वंश के एक राजा ने भगवान शिव की भक्ति में करवाया था। राजा ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वह इस मंदिर का निर्माण स्वयं करें। भगवान शिव ने राजा के सपने में आकर कहा कि वह इस मंदिर का निर्माण एक ही रात में कर देंगे, लेकिन शर्त यह है कि कोई भी मानव इस निर्माण प्रक्रिया को नहीं देखेगा। उनके गण एक ही रात में पूरे मंदिर का निर्माण कर देंगे।
राजा ने पूरे गांव को आदेश दिया कि उस रात कोई भी अपने घर से बाहर नहीं निकले। रात में मंदिर निर्माण की आवाजें सुनाई दीं, लेकिन किसी ने बाहर झांकने की हिम्मत नहीं की। हालांकि, एक जिज्ञासु बालक ने खिड़की से बाहर झांक लिया, जिससे निर्माण कार्य कर रहे अलौकिक प्राणी अदृश्य हो गए और मंदिर अधूरा रह गया।
#KakanmathTemple #GhostTemple












