हसदेव के गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

हसदेव के गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

रायपुर। महेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर जिले के हसदेव क्षेत्र में स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अपर सचिव श्री हिटलर सिंह ने अपने निरीक्षण प्रवास के दौरान पार्क का भ्रमण किया। यह भ्रमण हसदेव एरिया की कोल माइंस के निरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुआ।

भ्रमण के दौरान अपर सचिव ने गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क के ऐतिहासिक, वैज्ञानिक एवं पर्यटन महत्व के संबंध में गहन रुचि व्यक्त करते हुए विस्तृत जानकारी प्राप्त की। नोडल अधिकारी डॉ. पांडे ने बताया कि यह पार्क लगभग 29 करोड़ वर्ष प्राचीन गोंडवाना कालीन समुद्री जीवाश्मों का दुर्लभ और महत्वपूर्ण संग्रह है, जो छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध भू-वैज्ञानिक विरासत है। उन्होंने पार्क में विकसित कैक्टस गार्डन एवं इंटरप्रिटेशन बिल्डिंग का भी भ्रमण कराया, जहां जीवाश्मों से संबंधित जानकारियों को आमजन एवं शोधार्थियों के लिए सरल, वैज्ञानिक एवं आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है।

डॉ. पांडे ने बताया कि वर्ष 2015 में पार्क के समग्र विकास हेतु वन विभाग द्वारा लगभग 8 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिला प्रशासन द्वारा पुरातत्व संग्रहालय की स्थापना के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संग्रहालय की स्थापना से क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अपर सचिव श्री सिंह ने विरासत संरक्षण से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा कलेक्टर श्री डी. राहुल वेंकट के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कोयला मंत्रालय के मानस पाल एवं चेतन गौड, एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक (खनन) अनिल कुमार, हसदेव एरिया के मुख्य महाप्रबंधक मनोज बिश्नोई, सेंट्रल हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार, डॉ. लवकेश गुप्ता सहित कोल माइंस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

#HasdeoMarineFossilPark

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