इंडस्ट्रियल ट्रॉमा ; हाईटेक में 3 माह की जद्दोजहद के बाद बच गया पैर
भिलाई। एक अत्यंत जटिल मामले में हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल को बड़ी सफलता मिली है। एक इस्पात कारखाने में कार्यरत कर्मचारी का पैर गर्म लोहे के स्ट्रक्चरल से बुरी तरह झुलस गया था। टखने से पंजे तक मांस-मज्जा कुछ भी नहीं बचा था। लगभग चार माह के अथक प्रयासों के बाद मरीज अब पूरी तरह ठीक हो चुका है। उसका पैर बचा लिया गया है।
निजी क्षेत्र के इस्पात संयंत्र में काम करने वाले उक्त कर्मचारी अभी ड्यूटी पहुंचे ही थे कि हॉट रोल हो रहा एक स्ट्रक्चरल उनके पैर पर आ गिरा। चंद सेकण्ड में उसने बाएं पैर का टखना बुरी तरह झुलसा दिया। जब मरीज को अस्पताल लाया गया तो टखने से नीचे का हिस्सा पूरी तरह कंकाल हो गया था। अस्थियों को भी काफी नुकसान पहुंचा था।
हाइटेक के सर्जन डॉ नवील शर्मा ने बताया कि मरीज का उपचार तत्काल प्रारंभ किया गया। स्थिति गंभीर थी इसलिए मरीज को विश्वास में लेते हुए हमने पहले 5 दिन का समय मांगा। 5 दिन में मरीज के शरीर ने अच्छी प्रतिक्रिया दी। हम आशावान हो गये। हमने मरीज को बता दिया कि पैर ठीक हो जाएगा पर थोड़ा समय लगेगा। मरीज इसके लिए तैयार हो गया।
सितम्बर में हुए इस हादसे में हमने मल्टीस्टेज आधार पर मरीज का इलाज किया। इलाज के दौरान पहले घाव को भरने दिया गया। लिगामेंट्स और रक्तसंचार भी दुरुस्त किया गया। इसके बाद पंजे को कवर करने के लिए मरीज की दाहिनी जांघ से त्वचा लेकर वहां ग्राफ्टिंग की गई। अब मरीज का जख्म पूरी तरह से भर चुका है। उनका पूरी तरह से ठीक होना अब केवल वक्त की बात है।
मरीज ने कहा कि इलाज के दौरान अस्पताल के अन्य विभाग के चिकित्सकों ने भी लगातार उनपर नजर बनाए रखी। जब-जब जरूरत पड़ी बाहर से भी विशेषज्ञ बुलाए गए। उन्हें विश्वास था कि पैर ठीक हो जाएगा। आज वे खुश हैं कि उनका यह विश्वास सफल सिद्ध हुआ।
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