जज ने की ऐसी काउंसलिंग कि तलाक की अर्जी हुई वापस
इंदौर। वैलेंटाइन डे पर इंदौर में एक सुखद मिलन हुआ था। तलाक की याचिका पर सुनवाई के दौरान फैमिली कोर्ट के जज ने दोनों की काउंसलिंग की। इसके बाद दोनों फिर से साथ रहने को राजी हो गए। साथ ही तलाक की याचिका दोनों ने वापस ले ली। कोर्ट में ही एक-दूसरे को दोनों ने लाल गुलाब दिए। इसके साथ ही केस खत्म हो गया है।
वहीं, डॉक्टर-इंजीनियर दंपत्ति ने बताया कि जज साहब की पहल से दोनों का जीवन बर्बाद होने से बच गया। जज साहब ने दोनों पति-पत्नी को बहुत दुलार-प्यार से और मनोवैज्ञानिक तरीके से काउंसलिंग कर समझाया। उससे लगा ही नहीं कि दोनों पति-पत्नी के बीच कुछ विवाद था। ऐसे जज साहब हर जगह हो तो कोर्ट के केस बहुत कम हो जाए।
हाई कोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि डॉक्टर पति ने इंजीनियर पत्नी के विरूद्ध शारीरिक, मानसिक प्रताड़ना व मानसिक संत्रास को लेकर विवाह विच्छेद की याचिका कुटुम्ब न्यायालय इंदौर में प्रस्तुत की थी। कोर्ट ने इंजीनियर पत्नी को नोटिस जारी किया था। वैलेंटाइन डे के दिन 14 फरवरी को दोनों पक्ष के लोग कोर्ट में उप स्थित हुए। इस पर जस्टिस आरके जैन ने दोनों पक्षों को सुना।सुनने के बाद उन्हें लगा कि इसमें सुलह और समझाइश की गुंजाइश है। इसके बाद उन्होंने दोनों को समझाते हुए कहा कि जीवन बहुत लंबा है। पुरानी बातें भूलकर जज साहब ने नया जीवन बिताने की सलाह दी। इसके बाद पति-पत्नी सह्रदय समझौता करने के लिए तैयार हो गए। साथ ही तलाक के प्रकरण को वापस लेकर केस समाप्त कर लिया है।
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