‘भारत का बच्चा जय-जय श्रीराम बोलेगा’ राजिम कुंभ कल्प में आरू

राजिम। राजिम कुम्भ कल्प 2026 के आठवें दिन मुख्य मंच पर बाल कलाकार आरू साहू की भव्य प्रस्तुति हुई, नवीन मेला मैदान “मेरा भारत का बच्चा-बच्चा जय-जय श्री राम बोलेगा…” गाने से गूंज उठा। आरू साहू की झलक पाने मुख्य मंच श्रद्धालुओं व दर्शकों से खचाखच भरा रहा। “राम सिया राम जय-जय राम” से प्रस्तुति की शुरुआत करने वाली आरू साहू ने अपनी सधी हुई आवाज़, आत्मविश्वास और भावपूर्ण गायन से न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। भक्ति, लोक संस्कृति और देशभक्ति के रंग में रंगी इस बाल कलाकार की प्रस्तुति से लोग सरोबार होते रहे।

मुख्य मंच पर कार्यक्रम की शुरुआत धमतरी के प्रसिद्ध कलाकार रूपेन्द्र साहू की रही। उन्होंने मां जगदंबा का स्मरण करते हुए भक्ति गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिससे दर्शक भक्ति-रस में डूब गए। इसके बाद “रि… रिलो… ” जैसे आदिवासी गीतों ने माहौल को पूरी तरह जीवंत कर दिया। “छम-छम बोले पांव के पैरी… ” और “जिंदगी के नहीं हे ठिकाना, लहरगंगा लें लेतें… ” जैसे गीतों पर दर्शक झूमते नज़र आए। इन प्रस्तुतियों ने न सिर्फ मंच को रोमांचित किया, बल्कि दर्शकों में भी नई ऊर्जा का संचार किया।
लोक साधना की सुमधुर प्रस्तुतियाँ
इसके पश्चात लोक साधना की कलाकार सावित्री कहार ने “गजानंद स्वामी चार भुजाधारी” और “चल न खेलेल जाबो गांजरकली” जैसे गीतों से खूब तालियां बटोरीं। वहीं “गोला रे गोला, बर्फ के गोला..”, “चिरईया ल के गोटी मारों..” और “कर्मा सुने ल चले आबे गा.. ” जैसे गीतों ने दर्शकों को मंच से बांधे रखा। लोक साधना टीम द्वारा प्रस्तुत “छुनुर-छुनुर पैरी बाजे रे गोरी..” गीत ने भी दर्शकों से भरपूर मनोरंजन किया।
राजिम कुंभ कल्प मेला में सबसे बड़ा मीना बाजार सजा हुआ है। रोमांच और मनोरंजन से भरपूर इस मीना बाजार में दूर-दराज़ से हजारों मेलार्थी उमड़ रहे हैं। महासमुंद के कलाम खान ने बताया कि करीब 10 एकड़ क्षेत्रफल में फैला यह विशाल मीना बाजार अपने आप में अनोखा है। यहां आधुनिक झूले लगाए गए हैं, जो बच्चों से लेकर युवाओं और बुज़ुर्गों तक सभी को आकर्षित कर रहे हैं। मीना बाजार का सबसे बड़ा आकर्षण है 28 चेयर वाला हवाई झूला, जिसकी ऊंचाई करीब 92 फीट है। इसके अलावा नाव झूला, ड्रैगन झूला, टोरा-टोरा, ब्रेक डांस, फ्रिजबी झूला, सुनामी झूला और 70 फीट ऊंचा रिवॉल्विंग टावर रोमांच के शौकीनों को खासा लुभा रहे हैं। ऊपर से नीचे घूमता यह टावर झूलने वालों को रोमांचित कर देता है। बताया गया कि “स्वीन स्टार झूला”, जो पूरे भारत में केवल दो स्थानों पर उपलब्ध है, उनमें से एक राजिम मेला में लगा हुआ है। इसमें बच्चे, महिलाएं और पुरुष सभी जमकर झूले का आनंद उठा रहे हैं।
इस बार मीना बाजार में वैष्णोदेवी की आकर्षक झांकी भी लगाई गई है, जहां श्रद्धालु टिकट लेकर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं जुरासिक पार्क, भूत बंगला, दो अलग-अलग मौत का कुआं और जलपरी शो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। राजिम कुंभ कल्प मेला का मीना बाजार हर उम्र के लोगों का दिल जीत लिया है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज सुधार और जनजागरण का भी सशक्त मंच बनता जा रहा है।
राजिम कुंभ मेला में राजिम भक्तिन माता भोग भंडारा
राजिम कुंभ मेला में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राजिम भक्तिन माता भोग भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। सोमवार 9 फरवरी को भोग भंडारा में समिति के संरक्षक मेहतरु राम साहू द्वारा अपने पूर्वजों के नाम से भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें कुंभ मेला में पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। भोग भंडारा में प्रसाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
विराट संत समागम : डोम, स्विस कॉटेज, कुटिया से सजा संत समागम क्षेत्र

Rajim Kumbh Kalp Dome Shed

01 फरवरी से प्रारंभ हुए राजिम कुंभ कल्प मेला की भव्यता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वैसे तो राजिम कुंभ माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित होता है। इसके अंतर्गत संत-समागम का भी आयोजन किया जाता है। इस बार संत समागम 10 फरवरी से 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। जिसमें विभिन्न धार्मिक स्थलों से साधु-संत शामिल होंगे। त्रिवेणी संगम स्थित संत समागम स्थल पर साधु-संतों, महामंडलेश्वरों, आचार्य महात्माओं के लिए विशाल डोम, स्विस कॉटेज, कुटिया तथा यज्ञ शाला का निर्माण किया गया है, जिसमें संत महात्माओं द्वारा विभिन्न प्रकार के यज्ञ अनुष्ठान को पूरी वैदिक रीतियों के साथ सम्पन्न होगा। इस दौरान संत समागम के विशाल मंच से संतों के प्रवचन आशीष वचन के रूप में श्रद्धालुओं को सुनने का पुण्य लाभ मिलेगा।
ब्रह्मलीन संत कवि पवन दीवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

संत पवन दीवान

संत कवि स्वामी अमृतानंद पवन दीवान की पुण्यतिथि के अवसर पर राजिम स्थित पवन दीवान आश्रम में श्रद्धा और भक्ति का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला। आश्रम मेें पहुंचे बड़ी संख्या में उनके शिष्यों एवं अनुयायियों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पादुका पूजन के साथ शिव अभिषेक का विधिवत आयोजन किया गया। आश्रम के बच्चों द्वारा मंत्रोच्चार किया गया, वहीं भजन संध्या मंडली द्वारा प्रस्तुत भजन-कीर्तन का कार्यक्रम अपराह्न 1 बजे तक चलता रहा। कार्यक्रम के अंत में भगवान शिव एवं हनुमान जी की महाआरती संपन्न हुई तथा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
सुवा नृत्य की छटा, कुसुमबुड़ा के गिरवर सिंह ध्रुव की प्रस्तुति ने मोहा मन
राजिम कुंभ कल्प मेला के नवमें दिन स्थानीय मंच पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली। विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बेमेतरा की खिलेश्वरी साहू ने जसगीत पर देवी भजनों से की। इसके बाद पारागांव के सुरेश सोनकर ने जगराता भजनों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। रायपुर के अयान ने पियानो वादन कर मंच पर अलग ही रंग बिखेरा।
सिंगारभाठा के हरिराम साहू ने सतनाम भजन प्रस्तुत कर गुरु घासीदास बाबा के “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। पोंड की साक्षी ने लोकनृत्य, गरियाबंद की गीता यादव ने सुवा नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कुसुमबुड़ा के गिरवर सिंह ध्रुव ने लोककला मंच पर सुवा नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
धौराभाठा के रामकृष्ण सेन ने फाग लोककला की प्रस्तुति दी, जबकि अभिषेक वर्मा ने नाचा गम्मत में खड़े साज के साथ ऐसा समां बांधा कि दर्शक तालियां बजाने को मजबूर हो गए। बिलासपुर की विशाखा साहू ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की।
#RajimKumbhKalp2026

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