बिहार पुलिस के लिए ‘नो रील्स’ पॉलिसी, देखा तो नपेंगे
पटना। बिहार में अब ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों द्वारा मोबाइल पर रील देखना या सोशल मीडिया पर समय बिताना भारी पड़ सकता है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने पुलिस की छवि सुधारने और कार्यशैली में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान रील बनाने या देखने वाले पुलिसकर्मियों पर तत्काल विभागीय कार्रवाई और निलंबन की गाज गिरेगी।डीजीपी विनय कुमार ने राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस की छवि सुधारने के उद्देश्य से ताजा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों को मोबाइल पर रील देखने या चैटिंग करने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही थानों में ‘दलालों’ या बिचौलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
बीते कुछ हफ्तों में पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिससे पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं के बाद पुलिस मुख्यालय ने कड़ा संदेश देते हुए निलंबन से लेकर पुलिस लाइन ट्रांसफर तक की कार्रवाई की। इस संबंध में हाल ही में एक पत्र भी जारी किया गया है।
डीजीपी ने कहा कि किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थानों में दलालों की एंट्री रोकने के लिए विजिटर रजिस्टर में आगंतुकों का विवरण दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने आधिकारिक मोबाइल नंबर पर वर्दी में ली गई फोटो को ही व्हाट्सऐप डिस्प्ले पिक्चर के रूप में लगाएं।
हाल के दिनों में पुलिस दुर्व्यवहार के कई मामले सामने आए हैं। नालंदा में एक आंगनबाड़ी सेविका को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। पटना में एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने पर महिला पुलिसकर्मी को पुलिस लाइन भेजा गया, जबकि सारण में एक महिला से बदसलूकी के मामले में एक पुलिस कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया।
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