कृषि महाविद्यालय के 90 छात्रों ने किया विभिन्न अनुसंधान संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण

कृषि महाविद्यालय के 90 छात्रों ने किया विभिन्न अनुसंधान संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण

राष्ट्रीय संस्थानों में आधुनिक कृषि, डेयरी एवं अनुसंधान प्रणालियों का किया अध्ययन

जगदलपुर। कृषि शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी एवं नवाचार आधारित बनाने की दिशा में कृषि महाविद्यालय जगदलपुर द्वारा विद्यार्थियों के लिए उत्तर भारत का व्यापक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस शैक्षणिक दौरे में बी.एससी. कृषि तृतीय वर्ष के 90 छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर देश के प्रतिष्ठित कृषि, डेयरी, अनुसंधान एवं वानिकी संस्थानों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।

14 मई से 23 मई तक आयोजित इस दस दिवसीय भ्रमण में विद्यार्थियों को पांच प्राध्यापकों के नेतृत्व में चार दलों में विभाजित कर सुव्यवस्थित रूप से विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों का भ्रमण कराया गया। जगदलपुर से प्रारंभ होकर रायपुर, दिल्ली, करनाल, मनाली एवं देहरादून तक पहुंचे इस शैक्षणिक दौरे में विद्यार्थियों ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नेशनल प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेस एवं नेशनल जीन बैंक जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों का अवलोकन किया। यहां विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि अनुसंधान, उन्नत फसल प्रबंधन एवं जीन संरक्षण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

राष्ट्रीय संस्थानों में आधुनिक कृषि, डेयरी एवं अनुसंधान प्रणालियों का किया अध्ययन

 

राष्ट्रीय संस्थानों में आधुनिक कृषि, डेयरी एवं अनुसंधान प्रणालियों का किया अध्ययन

करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में विद्यार्थियों ने साहीवाल, थारपारकर, करन स्विस एवं करन फ्रिज नस्ल की गायों सहित मुर्राह भैंसों का अवलोकन कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों को समझा। वहीं एबीआरसी में कृत्रिम गर्भाधान, चयनित सांडों से वीर्य संग्रहण एवं क्लोन तकनीक के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। क्लोन भैंसे ‘श्रेष्ठ’, ‘तेजस’ एवं ‘करण’ विद्यार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ व्हीट एंड बार्ली रिसर्च के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गेहूं एवं जौ की उन्नत किस्मों की ब्रीडिंग, उत्पादन एवं प्रबंधन प्रक्रियाओं का अध्ययन किया। इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित कृषि विज्ञान केंद्र एवं हॉर्टिकल्चर संस्थानों में स्थानीय फसलों एवं उन्नत उत्पादन तकनीकों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया। मनाली प्रवास के दौरान विद्यार्थियों ने स्थानीय कृषि बाजारों की कार्यप्रणाली को समझने के साथ ही रोहतांग दर्रे एवं हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव भी प्राप्त किया।

देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च अकादमी एवं सेंट्रल एकेडमी फॉर स्टेट फॉरेस्ट सर्विस के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वानिकी अनुसंधान एवं उच्च शिक्षा के अवसरों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में पीजी एवं पीएचडी करने हेतु प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने इस भ्रमण को ज्ञान, अनुभव एवं प्रेरणा का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि इससे उन्हें कक्षा से बाहर निकलकर व्यावहारिक अध्ययन का अवसर मिला। छात्र-छात्राओं ने बताया कि इस भ्रमण ने उनमें उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *