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पुणे। अपने पिता के साथ एक टैंडम साइकल पर 15 साल की मनस्वी भाटी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से जम्मू-कश्मीर के खारदूंग ला पास तक का सफर तय कर एक मिसाल कायम की है। यह उपलब्धी और भी खास इसलिए बन जाती है क्योंकि मनस्वी अपनी आंखें खो चुकी हैं। टैंडम साइकल में दो सीटें और दो पैडल होते हैं।

पुणे। अपने पिता के साथ एक टैंडम साइकल पर 15 साल की मनस्वी भाटी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से जम्मू-कश्मीर के खारदूंग ला पास तक का सफर तय कर एक मिसाल कायम की है। यह उपलब्धी और भी खास इसलिए बन जाती है क्योंकि मनस्वी अपनी आंखें खो चुकी हैं। टैंडम साइकल में दो सीटें और दो पैडल होते हैं।

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