72 घंटे तक रहता है क्रोध का असर, हृदय, गुर्दा और पाचन होती है प्रभावित
क्रोध के दौरान कई बार लोग कुछ ऐसे काम भी कर बैठते हैं, जिनके बारे में हम सामान्य परिस्थितियों में सोच भी नहीं सकते हैं। एक बार क्रोध करने का नकारात्मक असर हमारे मन-मस्तिष्क पर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से करीब 72 घंटों तक बना रहता है। इससे हृदय, गुर्दा और पाचन अंगों के साथ-साथ मानसिकता भी प्रभावित होती है। इसलिए जहां तक संभव हो क्रोध न करें।












