भिलाई। साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनकी कृतियों की चर्चा करना और इसमें युवा पीढ़ी को शामिल करना प्रशंसनीय है। उनकी रचनाधर्मिता से प्रेरणा लेकर युवाओं को भी सामयिक साहित्य का सृजन करना चाहिए। उक्त टिप्पणी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति डॉ शैलेन्द्र सर्राफ ने की। वे स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में ‘अच्छे लोग’ संस्था द्वारा आयोजित प्रेमचंद जयंती समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे।












