भिलाई। स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला का मानना है कि लगभग 600 साल पहले रचित संत कबीर की साखियां और दोहे आज पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक हो गई हैं। आज जब लोग वैषयिक भोग विलास में डूब गए हैं, धर्म के नाम पर लोग मरने मारने पर उतारू हो गए हैं तब कबीर का चिंतन लोगों को सही दिशा दिखा सकता है। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में शनिवार 15 जून को इसी विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।












