दुर्ग। शासकीय डॉ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातकोत्तर हिन्दी साहित्य विभाग के तत्वाधान में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। सुप्रसिद्ध लेखक ओमप्रकाश बाल्मीकी की आत्मकथा जूठन पर डॉ. अम्बरीश त्रिपाठी का व्याख्यान हुआ। डॉ. त्रिपाठी ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि संस्मरण जीवनकथा साहित्य से भिन्न एक स्वतंत्र और महत्वपूर्ण गद्यविधा है। इसमें रचनाकार स्वयं अपने बारे में लिखता है।












