Theodora-Yoga-Bulgaria

Theodora Mavrova at SSSSMV Bhilai

भिलाई। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक युवती किसी ऐसे देश की यात्रा कर सकती है जहां की कोई भी भाषा उसे न आती हो। थियोडोरा मावरोवा को बुल्गारियाई भाषा के अलावा कोई और भाषा नहीं आती। किसी तरह अंग्रेजी में काम चला लेती हैं। पर अष्टांग योग सीखने की ललक उन्हें भारत की धरती पर ले आती है और वह भिलाई से इसकी शुरुआत करती है। वे स्वामी श्रीस्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई में आयोजित योग कार्यशाला में शामिल होती हैं और उसे अपनी भाषा में संबोधित भी करती हैं।

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