Lataji-Maharaj

भिलाई। सूर्पनखा वासना का एक रूप है, जो लक्ष्मण को अपनी वासना के रंग में रंगना चाहती थी लेकिन लक्ष्मण ने उसे पहचान लिया और उसके नाक-कान काट कर उसे प्रभावहीन कर दिया। बांकेबिहारी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा राधा-कृष्ण मंदिर नेहरू नगर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पंचम दिवस पर कोलकाता से पधारे संत पं. शंभुशरण लाटा जी महाराज ने बहुत सी ज्ञान की बाते कहीं जिन्हें मनुष्य को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

भिलाई। सूर्पनखा वासना का एक रूप है, जो लक्ष्मण को अपनी वासना के रंग में रंगना चाहती थी लेकिन लक्ष्मण ने उसे पहचान लिया और उसके नाक-कान काट कर उसे प्रभावहीन कर दिया। बांकेबिहारी चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा राधा-कृष्ण मंदिर नेहरू नगर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पंचम दिवस पर कोलकाता से पधारे संत पं. शंभुशरण लाटा जी महाराज ने बहुत सी ज्ञान की बाते कहीं जिन्हें मनुष्य को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

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