भिलाई। भारतीय राष्ट्रीय बैडमिन्टन टीम के कोचए अर्जुन अवार्ड प्राप्त पद्मश्री पुलेला गोपीचंद ने कहा कि स्वस्थ-सफल जीवन के लिए फिजिकल लिटरेसी-शारीरिक साक्षरता का ज्ञान अपरिहार्य है। शारीरिक साक्षरता हमें विभिन्न परिस्थितियों का मुकाबला करते हुए निरंतर आगे ब़ढ़ने का रास्ता दिखाता है। गोपीचंद श्रीशंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबीनार को संबोधित कर रहे थे। वेबीनार का विषय था कोविड संकट के बाद उभरने वाली नई संभावनाएं।












