भिलाई। चंद्रयान 2 मिशन के दौरान भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में शानदार उपलब्घि प्राप्त की। इस कामयाबी में जितना आधुनिक वैज्ञानिकों का योगदान है, उतना ही पूर्व वैज्ञानिकों का भी योगदान रहा। इन वैज्ञानिकों में से एक महान वैज्ञानिक डॉ विक्रम अम्बालाल साराभाई थे, जिनके अथक परिश्रम एवं खोज ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहुंचाया। उनके जन्म दिवस के उपलक्ष्य पर वैज्ञानिक परंपराओं से युवा विद्यार्थियों को अवगत कराने के लिए शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में आई.क्यू.ए.सी. तथा भौतिकशास्त्र विभाग के संयुक्त प्रयासों द्वारा डॉ विक्रम साराभाई के योगदान को याद किया गया।












