दुर्ग। पद्मनाभपुर दुर्ग निवासी नायरा रंगारी ने कहानी सुनने की उम्र में कहानी सुनाना शुरू कर दिया। उसकी तोतली बोली में कहानियां सुनने का आनंद ही कुछ और था। धीरे धीरे जुबान साफ होती गई और यह सिलसिला चलता रहा। माता-पिता ने प्रोत्साहन दिया और वह एक-के-बाद एक खिताब अपने नाम करती चली गई और आज महज छह साल की उम्र में उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो गया है। उसे सबसे कम उम्र की स्टोरी टेलर के रूप में दर्ज किया गया है।












