भिलाई। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ एम एल नायक का मानना है कि देश भर में तेजी से बढ़ रही जंगली गायों की संख्या भविष्य के लिए खतरा बन सकते हैं। इन मवेशियों को संध्याकाल में लगभग प्रत्येक गांव के बाहर पेड़ों के नीचे देखा जा सकता है। 2019 में आई रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में ऐसे आवारा पशुओं की संख्या इस समय 50 लाख से अधिक है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। शहरों में ये यातायात दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। गांवों में ये खेतों और जंगलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।












